Fact Check: कतर में क्रेन से ढहाया गया मैकडॉनल्ड्स स्टोर! पूरी तरह झूठी निकली खबर

Ankit Singh

By Ankit Singh

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इजरायल और हमास के बीच जंग के शुरू होने के बाद से ही कई देशों में तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं। कई समुदाय के लोग एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन गए हैं। वहीं इस बीच फिलिस्तीन समर्थकों ने कई सारी मल्टीनैशनल कंपनियों के बायकॉट का ऐलान कर दिया, जिसके बाद से ही कई बड़ी कंपनियों के स्टोर्स पर हमले की खबरें भी जमकर सामने आ रही हैं।

इसी कड़ी में हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो कतर का है, जिसमें एक क्रेन की मदद से मैकडॉनल्ड्स के बोर्ड को तोड़ते हुए देखा जा सकता है। गौरतलब है कि जंग के तनावपूर्ण माहौल में ऐसी वीडियो का वायरल होना हिंसा को और भी बढ़ा सकता है।

कतर ने मैकडॉनल्ड्स को किया बैन!

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इजरायल का साथ देने और उनका जंग में समर्थन करने की वजह से कतर ने मैकडॉनल्ड्स को अपने देश में बैन करने का फैसला ले लिया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए @MR_Cool77777 नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “बिग ब्रेकिंग Qatar ने सारे McDonalds को बंद करने का फैसला किया।”

हालांकि टूडे समाचार की पड़ताल में हमने पाया है कि ये वीडियो कतर का है ही नहीं और यहां तक कि कतर सरकार की तरफ से भी मैकडॉनल्ड्स को बैन करने को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।

फैक्टचेक

वायरल वीडियो पर जब टूडे समाचार की रिसर्च टीम ने पड़ताल शुरू की तो यूट्यूब पर “सिम्पसन डर्ट कंस्ट्रक्शन” नाम के एक चैनल पर ये वीडियो मिला। गौर करने वाली बात तो यह है कि ये वीडियो अभी का है ही नहीं बल्कि 28 अक्टूबर 2018 का है। इसके बाद पड़ताल में आगे पता लगा कि ये वीडियो अमेरिकी राज्य केन्सास में स्थित प्रैंट शहर में मौजूद मैकडॉनल्ड्स के एक स्टोर को ढहाने का है।

सोशल मीडिया का दावा है झूठा

दरअसल, हमारी रिसर्च टीम ने पड़ताल में पाया कि “सिम्पसन डर्ट कंस्ट्रक्शन” नाम की कंपनी भी प्रैंट शहर में ही स्थित है और उनका काम बिल्डिंग ढहाने, सफाई और कबाड़ हटाने का है। इसके अलावा कतर द्वारा मैकडॉनल्ड्स को बैन किए जाने को लेकर जब गूगल पर भी छानबीन की गई तो इससे जुड़ी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। इसका मतलब सिर्फ एक ही हो सकता है कि एक्स यूजर द्वारा सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा सच नहीं है।

साथ ही इस वीडियो का कतर और इजरायल-हमास के बीच जंग से भी कोई लेना देना नहीं है। हालांकि टूडे समाचार लोगों से ये अपील करता है कि ऐसी फेक खबरों से बचकर रहें। ऐसी खबरें अराजकता फैलाने के लिए शेयर की जाती हैं।

Ankit Singh

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