Jayram Ramesh Gave Controversial Statement On Ram Mandir Fact Check
Jayram Ramesh Gave Controversial Statement On Ram Mandir Fact Check

अयोध्या में बन रहे राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को होने वाला है। ऐसे में इससे जुड़े कई फेक खबरें भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी हैं। इस कड़ी में कांग्रेस नेता जयराम रमेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके साथ ही यह दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेता ने हाल ही में राम मंदिर को लेकर विवादित बयान दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जयराम रमेश का वीडियो

दरअसल, फेसबुक यूजर Vinay Puri ने अपने हैंडल पर ये वीडियो क्लिप शेयर करते हुए लिखा, “मंदिर से भी पवित्र है शौचालय” – ये जयराम रमेश हैं कांग्रेस के। ये खुद अपनी लंका लगा रहे हैं और दोष दूसरों को देते हैं। अगर आप सच्चे सनातनी हैं तो कैसे वोट देंगे ऐसी पार्टी को जो हमारे मंदिरों पर ऐसी शर्मनाक टिप्पणी कर रहा है?”

सोशल मीडिया पर और भी कई यूजर्स ऐसी और कई वीडियोज इसी संदर्भ में शेयर कर रहे हैं।

हालांकि टूडे समाचार की जांच में इस वीडियो को भ्रामक पाया गया है, क्योंकि जयराम रमेश के विवादित बयान वाला यह वीडियो अभी का है ही नहीं बल्कि साल 2012 का है। हालांकि अब राम मंदिर के अभिषेक समारोह से पहले इसके जरिए लोगों को भड़काने के इरादे से इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

फैक्टचेक

टूडे समाचार ने अपनी पड़ताल में जब वीडियो के कीवर्ज को रिवर्स सर्च किया तो कई सारे पुराने मीडिया रिपोर्ट्स मिले, जिसमें जयराम रमेश के इस पुराने और विवादित बयान का जिक्र किया गया है। हमारी पड़ताल के दौरान टीम को 7 अक्टूबर 2012 का NDTV की रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया है कि, “जयराम रमेश के शौचालय और मंदिर वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है।”

इस रिपोर्ट में जयराम रमेश के विवादित बयान का जिक्र भी था, जिसमें उन्होंने कहा था, “मेरे मुताबिक शौचालय मंदिर से ज्यादा अहम हैं।” इसके अलावा भी कई रिपोर्ट्स में जयराम रमेश के इस विवादित बयान का जिक्र किया गया है। साथ ही रिपोर्ट्स में दी गई जानकारी के अनुसार ये पता लगा कि कांग्रेस ने रमेश के इस बयान से किनारा करते हुए सभी धर्मों के सम्मान की बात कही है।

ऐसे में टूडे समाचार की पड़ताल में अब ये साबित हो गया है कि राम मंदिर उद्घाटन से पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश का राम मंदिर पर विवादित बयान देने का ये वीडियो भ्रामक है और 11 साल पुराना है।

Verify information accuracy with fact-checking: scrutinize claims, cross-reference sources, and confirm data to ensure reliability and combat misinformation.