Farmers With Tractors On India Gate Viral Image Fact Check
Farmers With Tractors On India Gate Viral Image Fact Check

सोशल मीडिया पर हाल ही में दिल्ली के इंडिया गेट की एक तस्वीर खूब तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें हजारों किसान ट्रैक्टरों के साथ इंडिया गेट के सामने नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये इंडिया गेट पर प्रदर्शन के लिए जमा हुए किसानों की तस्वीर है।

क्या है वायरल?

दरअसल, ‘Bhawani Rathore Lachhari’ (आर्काइव लिंक)नाम के फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया है और साथ ही कैप्शन में लिखा, “#इण्डिया गेट के साथ देश के #अन्नदाताओं की एक बहुत ही खूबसूरत तस्वीर । देश का दिल दिल्ली और देश का अन्नदाता #किसान #किसानपुत्र।”

इस तस्वीर को सच मानकर कई अन्य यूजर्स भी समान दावे के साथ इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं।

हालांकि टूडे समाचार ने अपनी पड़ताल में पाया है कि ये वायरल दावा पूरी तरह से फर्जी है। इतना ही नहीं बल्कि ये वायरल तस्वीर भी वास्तविक नहीं है, बल्कि AI द्वारा क्रिएटेड है।

फैक्टचेक

टूडे समाचार ने जब इस तस्वीर को ध्यान से देखा तो कई एंगल से ये तस्वीर वास्तविक नहीं लगी। ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे ये तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है। ऐसे में हमने AI से बनी तस्वीरों को चेक करने वाले टूल की मदद से इस वायरल तस्वीर को सर्च किया। इस दौरान AI Detector टूल ने इस तस्वीर को 99.99 प्रतिशत एआई से बने होने की संभावना जताई।

वहीं इसके बाद हमने अधिक स्पष्टिकरण के लिए एक अन्य टूल  https://isitai.com/ की मदद से भी इस तस्वीर की जांच की। इस टूल ने भी वायरल तस्वीर के AI से बने होने की संभावना 92.18 प्रतिशत बताई।

ऐसे में इन टूल्स की मदद से ये तो साफ हो गया कि ये तस्वीर वास्तविक नहीं है, बल्कि AI द्वारा बनाई गई है।

वहीं इसपर और अधिक स्पष्टिकरण के लिए हमने आगे एआई और मशीन लर्निंग पर काम करने वाले विशेषज्ञ अभिजीत पराशर से संपर्क किया और वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए इसपर उनकी राय पूछी। इस दौरान उन्होंने भी बताया कि, ये तस्वीर AI से ही बनी है।

ऐसे में टूडे समचार की इस पड़ताल से साफ हो गया है कि दिल्ली के इंडिया गेट के सामने किसानों की ट्रैक्टरों के साथ वायरल हो रही तस्वीर वास्तविक नहीं है, बल्कि AI द्वारा बनाई गई है। साथ ही इसके साथ किया जा रहा दावा भी गलत है।

Verify information accuracy with fact-checking: scrutinize claims, cross-reference sources, and confirm data to ensure reliability and combat misinformation.