Dalit boy beaten up during Ram temple function Fact Check
Dalit boy beaten up during Ram temple function Fact Check

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कार्यक्रम का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 2 शख्स एक स्कूल यूनिफॉर्म में दिख रहे बच्चे की जमकर पिटाई कर रहे हैं। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रहा बच्चा एक दलित है, जिसका नाम विष्णु है और कहा जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर समारोह के दौरान फूल फेंकने पर आयोजकों ने उसकी जमकर पिटाई की है।

राम मंदिर समारोह में दलित लड़के की हुई पिटाई!

दरअसल, इस वीडियो को Satwant Singh Rana नाम के फेसबुक यूजर ने अपलोड किया था, जिसने कैप्शन में लिखा था, “अयोध्या में राम मंदिर समारोह के दौरान फूल फेंकने पर दलित लड़के विष्णु को आयोजकों ने पीटा. भाई आपको किस ने कहा था वहां सेलिब्रेट करो दलित का काम बस दंगा करना हिंदू ब्राह्मण के राज के लिए लड़ना है राम मंदिर के दान पुन का और वहां पुजारी बनने का हक पोंगा पंडित का है।”

इतना ही नहीं बल्कि इस वीडियो को और भी कई फेसबुक और ट्विटर यूजर्स ने शेयर किया है और साथ ही ब्राह्मणों और उच्च जाति के लोगों की आलोचना कर रहे हैं।

हालांकि टूडे समाचार ने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया गया कि वायरल वीडियो अयोध्या का नहीं, बल्कि फरीदाबाद के एक स्कूल कार्यक्रम का है और वीडियो में दिख रहा बच्चा कोई दलित समुदाय का भी नहीं है।

फैक्टचेक

दरअसल, जब टूडे समाचार ने इस मामले की पड़ताल शुरू की और इस वीडियो से जुड़े कुछ कीवर्ड्स को रिवर्स सर्च किया तो हमें 24 दिसंबर 2023 की ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें साफ तौर से बताया गया है कि ये घटना फरीदाबाद के एक स्कूल कार्यक्रम की है।

दरअसल, खबर के मुताबिक 22 दिसंबर को फरीदाबाद के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में गीता जयंती का समारोह मनाया जा रहा था। इस दौरान वीडियो में दिख रहे छात्र ने वहां डांस कर रही लड़कियों पर फूल फेंक दी। छात्र की इस हरकत पर वहां के 2 टीचर्स को गुस्सा आया और उन्होंने उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी।

रिपोर्ट की मानें तो इस घटना के दौरान दोनों टीचर्स ने बच्चे को इतना पीटा कि उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल ने दोनों टीचर्स पर कार्रवाई करने की बात भी कही थी। साथ ही शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए थे।

अयोध्या पुलिस ने भी वायरल खबर का किया खंडन

बता दें कि वीडियो के गलत जानकारी के साथ वायरल हो जाने के बाद अयोध्या पुलिस ने भी ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए इस वायरल खबर का खंडन किया है। साथ ही लोगों से ऐसे किसी फर्जी वीडियो या खबर पर भरोसा करने से पहले खबर की पुष्टि कर लेने की भी अपील की है।

ऐसे में टूडे समाचार की पड़ताल के बाद यह साफ हो गया है कि वायरल वीडियो में अयोध्या के राम मंदिर में दलित बच्चे की पिटाई का दावा पूरी तरह से फर्जी है।

Verify information accuracy with fact-checking: scrutinize claims, cross-reference sources, and confirm data to ensure reliability and combat misinformation.