पश्चिम बंगाल राज्यपाल का ममता सरकार पर बड़ा हमला, दें खर्च का ब्यौरा

 

रिपोर्ट : प्राची गुलियानी

नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मुखिया मता बनर्जी अक्सर अपनी तानाशाही रवैये को लेकर सुर्खियों में रही है, चाहे वह राज्य और केंद्र सरकार के बीच संबंध को लेकर हो या राज्य और राज्य की जनता के बीच। जिसे लेकर दोनों के संबंध में कड़वाहट भी आ गई है। हालांकि इसका जिम्मेवार ममता केंद्र सरकार, राज्यपाल और बीजेपी को बताती है। बता दें कि एक बार फिर राज्यपाल धनखड़ ने पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथों लिया है और खर्च का ब्यौरा मांगा है।

राज्यपाल ने कहा कि, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हर साल बंगाल में ग्लोबल बिजनेस समिट का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस आयोजन में निवेश करने से फायदा कम नुकसान ज्यादा मिला। क्योंकि इस आयोजन में राज्य सरकार ने बहुत पैसा खर्च किया और बदले में कुछ खास हासिल नहीं हुआ।

राज्यपाल ने ट्वीट के जरिए कहा कि मेरे पास ऐसे कई शिकायतें आ रही है। इन शिकायतों में मुख्यता एक ही बात सामने आ रही है कि राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बीजीबीएस का आयोजन करती है, लेकिन राज्य को इन आयोजनों का कोई फायदा होता नहीं दिखता, फायदे नुकसान की जानकारी किसी के पास नहीं है।

साथ ही राज्यपाल ने सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि जितना पैसा सरकार इस आयोजन में निवेश किया है। उससे कहीं ज्यादा रुपया बिजनेस ग्लोबल समिट के आयोजन पर खर्च किया गया है। जिसके बाद राज्यपाल ने राज्य के वित्त विभाग और अन्य मुख्य सचिव से बीजीबीएस के आयोजन पर हुए खर्च का ब्यौरा मांगा है। साथ ही उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर वित्त विभाग से पूछे गए सभी सवालों को साझा किया।

आपको बता दें कि राज्यपाल ने राज्य वित्त विभाग से 5 सवालों के जवाब मांगे है। 

1. वर्ष 2016 से अब तक इसके आयोजन पर कितने रुपये खर्च किए गए हैं

2. हर साल का अलग-अलग आयोजन बिल मांगा है ?

3. आयोजन का पैसा किस एजेंसी या एजेंसियों के तहत खर्च किया गया है इसका पूरा ब्यौरा मांगा ?

4. आयोजन करने वाली इवेंट कंपनी को पैसा भुगतान वाली पर्ची बिल की मांग की है ?

5. इस आयोजन से राज्य को क्या फायदा हुआ उसकी संपूर्ण जानकारी मांगी है ?

अब देखना यह है कि ममता सरकार राज्यपाल धनखड़ के प्रश्नों का क्या जवाब देती है।

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