पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले टीएमसी नेताओं के इस्तीफे से बढ़ी हलचल

 

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार अभी से शुरू हो गया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से ठीक पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं के इस्तीफे से सियासी हलचल बढ़ गई है। अमित शाह के 19 और 20 दिसंबर के दौरे के दौरान कुछ और नेताओं का भी इस्तीफा हो सकता है। नेताओं के इस्तीफों से राज्य में जहां सियासी सरगर्मी बढ़ गई है, वहीं ममता बनर्जी की पार्टी में बेचैनी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने आईएएनएस से कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर भाजपा कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं।

पिछले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के तीन प्रमुख नेताओं ने इस्तीफा दिया। कुछ दिनों पहले परिवहन मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले शुवेन्दु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से लेकर पार्टी के सभी पदों से भी इस्तीफा दे दिया। वहीं गुरुवार को दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम के अध्यक्ष पद से रिटायर्ड कर्नल दीप्तांगशु चौधरी और आसनसोल नगर निगम बोर्ड के प्रमुख के पद से विधायक जितेंद्र तिवारी ने भी इस्तीफा दे दिया। जबकि पिछले महीने नवंबर में कूचबिहार दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस विधायक मिहिर गोस्वामी ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया था।

गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले लगातार बड़े नेताओं के साथ छोड़ने से जहां ममता बनर्जी की पार्टी में चिंता की लहर है, वहीं भाजपा के नेता उत्साहित हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश तिवारी ने आईएएनएस से कहा, "जब-जब गृहमंत्री अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा होता है, तब-तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की धड़कनें तेज हो जाती हैं। क्योंकि गृहमंत्री अमित शाह जो कहते हैं वो करते हैं। बंगाल में गृहमंत्री अमित शाह के दावे के मुताबिक अगले साल होने वाले चुनाव में भाजपा दो सौ से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने जा रही है।"
 

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