पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ममता ने चला ये बड़ा दाव, लग सकता है बीजेपी को बड़ा झटका

 

नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के कुछ महीनों बाद ही पश्चिम बंगाल के चुनाव होने है, जिसे लेकर सभी पार्टियां लगातार दौरा कर रहे है। एक तरफ जहां बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा अपने हुंकारों से बंगाल सुप्रीमो ममता बनर्जी का किला ढहाने में लगे है, तो वहीं ममता अपने नये ऐलानों के साथ अपने किले को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

गौरतलब है कि दो महीने बाद ही पश्चिम बंगाल के चुनाव होने है, जिसे लेकर ममता ने बड़ा ऐलान किया है। आपको बता दें कि ममता के इस ऐलान से पश्चिम बंगाल की जनता भी काफी खुश है। दरअसल चुनाव से पहले ममता सरकार राज्य भर के तमाम स्कूलों में पड़े खाली पदों को भरने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि, “स्कूलों में लगभग 16,500 रिक्त पद हैं। लगभग 20,000 छात्रों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा उत्तीर्ण की है। हमने फैसला किया है कि कोविड-19 की स्थिति में ढील के बाद दिसंबर और जनवरी से तत्काल शिक्षकों की आवश्यकता होगी।


आपको बता दें कि इसके बाद ममता बनर्जी ने राज्य शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि कोविड की स्थिति में ढील मिलने के बाद ऑफ लाइन इंटरव्यू आयोजित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए, और जल्द ही बहाल किया जाएं। इसमें कहा गया है कि राज्य में नए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) परीक्षा के लिए 2.50 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।

गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार भी 2015 के चुनाव में TET शिक्षक भर्तियों का दांव चल चुंके है, जिस कारण उन्हें उस चुनाव में अधिकतर सीटें भी मिली। लेकिन आज भी बहुत सारे TET डिग्रीधारी शिक्षक नौकरी की तलाश में है। वहीं जो शिक्षक बहाल भी हुए है, उनके वेतन सामान्य शिक्षकों से कम है, जिसे लेकर उन्होंने आंदोलन भी किया और समान काम और समान वेतन की भी मांग रखीं, जिस दौरान नीतीश सरकार के प्रशासन ने उनपर जमकर लाठी-डंडें भांजे, जिसका नतीजा यह हुआ है कि इस विधानसभा चुनाव में जदयू 50 सीटों का आंकड़ा भी नहीं छू सकीं।

अब देखना यह है कि ममता सरकार का यह दाव बीजेपी के लिए कितना प्रभावी होता है।  

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