दिवाली की रात कानपुर में दी गई छह वर्षीय मासूम बच्ची की बलि, खबर पढ़ कांप उठेगी रूह

 

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के बाद यूपी के कानपुर से भी एक ऐसा दिल दहलाने वाली खबर सामने आया है, जिसे पढ़कर आपकी रूह तक कांप उठेगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बच्ची दिवाली की शाम घर के बाहर से लापता हो गई। परिजनों ने उसे बहुत खोजा, लेकिन वो नहीं मिली। इस बाबत उन्होंने थाने में जाकर रपट दर्ज कराना चाहा, लेकिन पुलिस ने वहां उन्हें सुबत तक इंतजार करने को कहा। जब सुबह हुई तो परिजनों को मिला, सिर्फ उस बच्ची की लाश, वो भी ऐसी हालत में जिसे देखकर सभी हैरान हो गये।

पूरा मामला कानपुर के घाटमपुर के भदरस गांव की है। बताया गया कि दिवाली की रात करन कुरील की बेटी श्रेया उर्फ भूरी (6) घर के बाहर खेल रही थी। घर के कुछ लोग खेत की ओर गए थे। घर की महिलाएं दिवाली की पूजा के लिए तैयारी कर रहीं थीं। इस दौरान दीये रखने के लिए बच्चों को आवाज लगाई गई। जिसे सुनकर दो बेटियां तो आ गईं, लेकिन छह वर्षीय श्रेया नहीं आई। इसके बाद बच्ची की परिवार के लोगों ने तलाश शुरू कर दी। उसको पूरे गांव में खोजा गया, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं लगा। बेटी के गुम हो जाने से परेशान परिवार के लोग थाने में पहुंच गये, लेकिन वहां पुलिस ने कहा कि सुबह तक इंतजार करो। इसके बाद परिवार के लोग अपने स्तर से बच्ची की तलाश में जुट गये।

लाख तलाशी के बावजूद भी बच्ची नहीं मिली, लेकिन जब सुबह हुई तो गांव के बाहर शव को देखकर परिजन सन्न रह गये। शव को देखकर ऐसा लग रहा था कि उसकी बड़ी ही बेरहमी के साथ हत्या की गई। बच्ची के पैर लाल रंग से रंगे हुए थे। उसके शरीर पर धारदार हथियार से काटे जाने के निशान थे। बच्ची के शरीर से कलेजा तक निकाल लिया गया था। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।

हालांकि अभी तक इस मामले में पुलिस अधिकारी कुछ स्पष्ट बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। आपको बता दें कि, जिस जगह इस मासूम की लाश मिली, वहां भद्रकाली का मंदिर भी था। जहां कुछ ऐसे सबूत मिले, जो सीधे तंत्रमंत्र की तरफ इशारा कर रहे थे। इस मामले में एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है, पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।

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