योगी सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बढ़ेत्तरी के लिए लाने वाली है नई पॉलिसी

 

लखनऊ: योगी सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रीलियन डॉलर तक ले जाने पर विचार कर रही है। इसके लिए सरकार ने तय किया है कि निर्यात को बढ़ावा दिया जाय। निर्यात में बढ़ोत्तरी होने से अर्थव्यवस्था पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सरकार ने तय किया है कि निर्यात के लिए नई पॉलिसी लानी होगी।

नयी पॉलिसी में मौजूदा सालाना निर्यात को 1.20 लाख करोड़ से बढ़ाकर तीन लाख करोड़ रुपये तक करने का है। इसके लिए सरकार निर्यातकों को कई तरह की रियायतें देंगी। लक्ष्य के अनुसार निर्यात तेजी से बढ़े, इसके लिए सरकार सर्वाधिक संभावनाओं वाले सेक्टर्स पर फोकस करेगी।

देश की कुल आबादी के करीब 16 फीसद लोग उत्तर प्रदेश में रहते हैं। युवाओं की संख्या सर्वाधिक होने के नाते भरपूर मानव संपदा भी है। यहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम एमएसएमई इकाईयों की संख्या भी सर्वाधिक है।

निर्यात में हिस्सेदारी सिर्फ 4.55 प्रतिशत ही है। संभावनाओं के अनुरूप निर्यात में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सरकार नई निर्यात पॉलिसी लाएगी।

इस पॉलिसी के तहत निर्यातकों को पोर्ट से पड़ोसी देश तक माल ले जाने के लिए ट्रांसपोर्ट पर सब्सिडी दी जाएगी। एमएसएमई की वे इकाईयां जो अपने उत्पाद का 50 फीसद हिस्सा निर्यात करती हैं उनकी इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी माफ की जाएगी।

निर्यातकों को एक ही छत के नीचे अपने उत्पाद के प्रोसेसिंग, पैकेजिंग आदि की सुविधाएं मिले इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट डेवलपमेंट स्कीम के तहत कॉमन फैसिलटी सेंटर (सीएफसी) का निर्माण कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने कहा कि यहां पर हस्तशिल्प की संपन्न परंपरा है। जलवायु अच्छी होने के कारण खाद्य प्रसंस्करण की प्रबल संभावना है। इनसे संबधित कुछ उत्पाद तो अपने आप में बड़ी पहचान रखते हैं। सरकार इनको देश के अलावा दुनिया में ब्रांड बनाने की पॉलिसी ला रही है। जिसमें लोगों को अनेक सहूलियतें दी जाएंगी।

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