विश्व पर्यटन दिवस पर सुनी ताजनगरी, झेल रही कोरोना का कहर 

 

आगरा:  27 सितंबर को  विश्व पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई इस तिथि के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि वर्ष 1970 में UNWTO की कानून को स्वीकारा गया था। इस मूर्ति को स्वीकारना वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास हेतु मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है एवं इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विश्व में इस बात को प्रसारित तथा जागरूकता फैलाने के लिए हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रूप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में और आपसी समझ बढ़ाने में सहायता कर सकता है। विश्व पर्यटन दिवस पर रविवार को ना तो मेहमानों का तिलक हुआ और ना ही फूल वर्षा कर उनका स्वागत किया गया।

कोरोना के चलते आगरा के पर्यटन उद्योग को मिले सूत्रों के अनुसार तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। हर दिन बीतने के साथ यह नुकसान बढ़ता जा रहा है। आगरा का पर्यटन कारोबार कोरोना के संक्रमण से प्रभावित रहा है। 17 मार्च को बंद हुआ। ताजमहल 188 दिनों की बंदी के बाद 21 सितंबर को खोला गया है।

इंटरनेशनल फ्लाइट और टूरिस्ट वीजा सर्विस की शुरुआत नहीं होने से विदेशी पर्यटक यहां नहीं आ पा रहे हैं। कोरोना के संक्रमण को देखते हुए स्मारकों पर बचाव को बंदिशों के साथ ही कैरिंग कैपेसिटी लागू है। किसी भी स्मारक पर तय की गई उसकी अधिकतम क्षमता के अनुसार पर्यटक नहीं आए हैं। पर्यटक स्थलों पर रहा सन्नाटा।

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