पीड़ित परिवार ने किया इंकार, मांगा अपनी बेटी का शव, कहा बोला ये झूठ

 

नई दिल्ली : हाथरस मामले को लेकर लगातार पीड़ित परिवार योगी प्रशासन पर हमलावर रूख अख्तियार किये हुए है और नार्कों टेस्ट से इंकार किया है। आपको बता दें कि सीएम योगी के दखल देने के बाद अब उन तमाम पाबंदियों को हटा दिया गया है, जो मीडिया पर लागू था। हालांकि अब जब पीड़िता का परिवार मीडिया के सामने आ चुंका है, तो उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाये है।

पीड़िता की भाभी ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन ने हमारे बाहर जाने पर रोक लगा दी ताकि हम किसी से बात नहीं कर सकें। वहीं उन्होंने नार्को टेस्ट से भी इंकार कर दिया पीड़िता की भाभी ने कहा कि नार्को टेस्ट क्या होता है ये ही पता नहीं है। उन्हें जब नार्को टेस्ट के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि हमारे लिए इस टेस्ट की क्या जरूरत है। पीड़िता की भाभी ने कहा कि, " हम सच बोल रहे हैं, हम सच ही बोलेंगे। झूठ नहीं बोलेंगे। नार्को टेस्ट कराना है तो डीएम साहब का कराएं, एसपी का कराएं। इन लोगों का टेस्ट कराएं, इन लोगों ने झूठ पर झूठ बोला है।"

आपको बता दें कि SIT ने इस मामले पीड़ित परिवार के चार लोगों से बयान लिया हैं। पीड़िता की भाभी ने कहा कि हमें न्याय चाहिए, हमें कुछ नहीं चाहिए, हमें बॉडी क्यों नहीं दिखाई, हम ये जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उस रात को अधिकारियों ने किसका शव जलाया था, उन्हें पता नहीं है। हमें अपनी बेटी का शव चाहिए। हम उन्हें देखना चाहते हैं।

आपको बता दें कि इस मामले को लेकर पीड़ित के परिवार ने सरकारी अधिकारियों पर पैसे का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि डीएम लगातार हमें ये कह रहे थे कि अगर तुम्हारी बेटी कोरोना से मर जाती तो क्या तुम्हें मुआवजा मिल जाता। वहीं उन्होंने नार्कों टेस्ट मामले में डीएम और एसपी की नार्कों टेस्ट की बात कही है। अब देखना यह है कि इस मामले और किन-किन रहस्यों से पर्दा उठता है।

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