अंकित और डैनी की वो कहानी जो आपको रूला देगी, गोद लेना चाहते हैं कई परिवार

 

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में इन दिनों एक लोकल फ़ोटो पत्रकार द्वारा लिया गया एक बेबस बच्चे का कुत्ते के साथ सोते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुए बेघर बच्चे अंकित और उसके कुत्ते की कहानी जानने के बाद कई परिवार बच्चे को गोद लेने के लिए आगे आए हैं। बाल और महिला कल्याण विभाग में मुख्य अधिकारी मोहम्मद मुशफकेन ने कहा, "बच्चे के जिला पुलिस की देखरेख में होने की जानकारी मिलने के बाद हम उसे अपनी निगरानी में ले आए हैं। वह अब एक आश्रय गृह में रह रहा है और काउंसलिंग की जा रही है। 

कुछ परिवारों ने हमसे संपर्क किया है और बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताई है। हम उन्हें सरकार की नीति के तहत किसी ऐसे परिवार को दे सकते हैं, जिसे पालक देखभाल कहा जाता है, लेकिन सबसे पहले, हमें उनके परिवार का पता लगाना होगा।"
अंकित की कहानी...

सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद मुजफ्फरनगर एसएसपी ने लड़के को खोजा और उसे अपनी देखरेख में ले लिया। बेबस मासूम से जब पुलिस ने इस तरह सड़क पर सोने की बात पूछी तो बच्चे की कहानी इतनी भावुक थी कि किसी का भी दिल पसीज जाए। लगभग 9 से 10  साल का दिखने वाला ये बेबस बच्चा अपना नाम अंकित बताता है। उसके अनुसार उसका पिता जेल में बंद है और माँ छोड़ कर चली गई थी। ये मासूम बच्चा अपने परिवार या घर के बारे में इस के अलावा और कुछ नही जानता है। 

ये मासूम चाय की दुकान पर काम कर या कूड़ा बिन कर पैसे कमा कर अपना ओर अपने साथी कुत्ते जिसे वह प्यार से डैनी कहता है, उसका पेट भरता है ओर रात को इस कड़ाके की सर्दी में मुज़फ्फरनगर के शिव चोक स्थित मार्केट में किसी भी दुकान के सामने अपने दोस्त कुत्ते के साथ सो जाता था, कुत्ता रात भर अपने मालिक का ध्यान रखता था। कई दिन पूर्व ली गई ,बच्चे की इस तस्वीर के वायरल होने के बाद जनपद के एसएसपी अभिषेक यादव ने बच्चे को ढूंढने के लिए जब पुलिस टीम लगाई तो बच्चे को पुलिस ने शहर से बरामद कर लिया। अब बच्चा चाइल्ड एंड वुमैन वेलफेयर डिपार्टमेंट की देख रेख में है। जहाँ इसके रहने के साथ साथ जिला प्रशासन अच्छी पढाई के बंदोबस्त भी करा रहा है। 


करीब नौ साल की उम्र वाले इस बच्चे की बाल कल्याण समिति द्वारा काउंसलिंग की जा रही है और प्रशासन उसे मुख्यधारा में लाने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। पुलिस विभाग उसे मॉडर्न पुलिस स्कूल में भर्ती करने की योजना बना रहा है, क्योंकि निजी संस्थान उस लड़के को स्कूल में प्रवेश देने के लिए अनिच्छुक हैं। वह कभी स्कूल नहीं गया।मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिषेक यादव ने एसएचओ अनिल कपरवान से कहा कि अगर कोई उनकी मदद के लिए नहीं आता है, तो वह लड़के को मॉर्डन पुलिस स्कूल में भेज देंगे।

अंकित को यह याद नहीं है कि वह कहां से ताल्लुक रखता है, सिवाय इस बात के कि उसके पिता जेल में हैं और उसकी मां ने उसे छोड़ दिया। वह चाय के स्टालों पर काम करके और गुब्बारे बेचकर अपना गुजारा कर रहा था।वह अपने दोस्त डैनी के साथ फुटपाथ पर सोता है। डैनी एक कुत्ता है, जो हमेशा अंकित के साथ रहता है। वह अपनी कमाई का इस्तेमाल खुद और अपने पालतू कुत्ते को खिलाने के लिए करता है। अंकित सुर्खियों में तब आया, जब किसी ने उसकी तस्वीर क्लिक कर सोशल मीडिया पर साझा किया था। तस्वीर में वह अपने कुत्ते के साथ कंबल ओढ़कर फुटपाथ पर सो रहा था।


 

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