काशी में शुरु हुई पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना

 

नई दिल्ली: द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ जिनकी गोद से मां गंगा आगे बढ़ रहीं हैं। सरकार की कई परियोजनाओं में से एक काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना ने आकार लेना शुरु कर दिया है। पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। कॉरिडोर को ओडिशा और चुनार के लाल बलुआ पत्थर से अलंकृत किया जा रहा है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सुनील वर्मा के अनुसार, "मंदिर की सतह और दीवारों को बालेश्वर पत्थरों से बनाया जा रहा है और गलियारे का फर्श मकराना संगमरमर से बनाया जाएगा। गलियारे की डिजाइनिंग कोटा ग्रेनाइट के साथ की गई है जबकि मंदाना पत्थर, जो चुनार के लाल बलुआ पत्थर के समान दिखता है, का इस्तेमाल सीढ़ियों के निर्माण में किया गया है।"

मंदिर से गंगा घाट तक कुल 24 इमारतें बनाई जाएंगी, जिनमें से 19 इमारतों पर काम शुरू कर दिया गया है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना का डिजाइन इस तरह से बनाया गया है कि यह गंगा घाट से मंदिर की दृश्यता सुनिश्चित करता है।

कॉरिडोर का निर्माण भक्तों के लिए कई सुविधाओं के साथ 5 लाख वर्ग फीट के क्षेत्र में फैला हुआ है।

मुमुक्ष भवन, वर्चुअल म्यूजियम, सिटी गैलरी, गेस्टहाउस, आध्यात्मिक पुस्तक केंद्र और यात्री सुविधा केंद्र उन इमारतों में से हैं, जिन्हें बनाया जा रहा है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसका निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में किया जा रहा है।

परियोजना, जिसकी नींव 2019 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी, इसके अगस्त 2021 तक पूरा होने की संभावना है।

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