बाबरी विध्वंस फैसेल के साथ ही रिटायर हो गये जज, मिला था...

 

नई दिल्ली : बाबरी विध्वंस मामले के 28 सील बीत चुंके है, जिसका आज ऐतिहासिक फैसला आ गया है। इस फैसले के साथ ही उन सभी लोगों ने राहत की सांस ली है, जो इस मामले में आरोपी थे। आपको बता दें कि इस फैसले के साथ ही एक और घटना इतिहास में दर्ज हो गया है, जो बिल्कुल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की घटना से मिलता है।

दरअसल इस मामले में भी अयोध्या फैसले के निर्णय की तरह बाबरी विध्वंश मामले के निर्णय सुनाने वाले जज रिटायर हो गये, जिनका नाम सुरेंद्र यादव है। गौरतलब है कि सीबीआई की अदालत के स्पेशल जज सुरेंद्र कुमार यादव को 1 साल का कार्यकाल विस्तार मिला था, जिन्हें 5 साल पहले बाबरी विध्वंस केस में स्पेशल जज नियुक्त किया गया था। आपको बता दें कि सुरेंद्र कुमार यादव फैजाबाद से बेहद करीब से जुड़े रहे। उनकी पहली तैनाती फैजाबाद जिले में ही हुई थी, जिसका नाम अब अयोध्या हो चुका है।

आपको बता दें कि जज एसके यादव ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत 32 आरोपियों को बरी कर दिया है। बता दें कि कुल 48 लोगों पर आरोप लगे थे, जिनमें से 16 की मौत हो चुकी है। कोर्ट में 6 आरोपी मौजूद नहीं थे। कोर्ट में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, शिवसेना के पूर्व सांसद सतीश प्रधान, महंत नृत्य गोपाल दास और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्टरूम से जुड़े। इनके अलावा अन्य सभी 26 आरोपी मौजूद हैं।

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