एक गर्भवती को नहीं मिला हॉस्पिटल तो खुले आसमान में बच्ची को दिया जन्म

 

रिपोर्ट- शाकिब अनवर 
मैनपुरी: सितंबर के चौथे रविवार को पूरे विश्व में बेटी दिवस मनाया जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के कुरावली में नहीं मिला सुविधा शुल्क तो प्रसूता को अस्पताल से रेफर कर दिया गया। जिसके बाद प्रसूता ने जीटीरोड पर खुले आसमान के नीचे बालिका को जन्म दे दिया। लगभग डेढ घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को अस्पताल भेजा गया।

आप को बताते चले की पूरा मामला मैनपुरी नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का है। रविवार की सुबह लगभग नौ बजे क्षेत्र के ग्राम दौली खिरिया निवासी प्रसूता सलमा पत्नी शरीफ बंजारा को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। जिसके बाद प्रसूता के खून की जांच कराई गई और ड्यूटी पर तैनात नर्स ने प्रसूता में खून कम होने की बात कहते हुए प्रसव कराने को मना कर दिया।


प्रसूता के ससुर आसाफ ने नर्स से गिड़गिड़ाकर प्रसव कराने की बात की तो नर्स ने प्रसव कराने के नाम पर सुविधा शुल्क के नाम पर छह हजार रूपये की मांग की। प्रसूता के ससुर ने गरीबी का हवाला करते हुये रूपये कम करने को कहा तो नर्स ने मना कर दिया। जिसके बाद शाम के लगभग चार बजे ससुर बाइक पर प्रसूता को बिठाकर जीटीरोड स्थित लाइफलाइन हास्पिटल ले जा रहा था। जैसे ही प्रसूता जीटीरोड स्थित श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस के आफिस के सामने पहुंची तभी अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। 

ससुर ने बाइक रोक ली तो प्रसूता बाइक से उतरकर जीटीरोड पर लेट गई और चीखने-चिल्लाने लगी। तब तक प्रसूता के परिजनों की महिलाए मौके पर पहुंच गई महिलाओं ने चारों तरफ से चादर लगा दिया जिसके बाद प्रसूता ने जीटीरोड पर ही खुले आसामन के नीचे बालिका को जन्म दे दिया। 


मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंच गये। स्थानीय लोगों के कहने पर परिजनों ने प्रसूता को बालिका सहित जीटीरोड के किनारे लिटा दिया। जिसके बाद एंबूलेंस को फोन किया गया। लगभग डेढ़ घंटे के बाद पहुंची एंबूलेंस से प्रसूता व उसकी बालिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया।


इस संबंध में सीएमओ ए.के पांडे का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी पाया जायेगा उसके विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
 

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