पहले किया पिता का कत्ल, फिर खुद ही घुमाया 112 नंबर, जानिए क्या है पूरा मामला

 

रिपोर्ट:आरिफ वारसी
गाज़ीपुर:
 यूपी में पूर्वांचल के गाज़ीपुर से एक ऐसी घटना  सामने आयी है। जहां पर एक बेटा अपने पिता की हत्या कर देता है। इस घटना को सुनकर एक बार तो मानो आपका रिश्तों पर से विश्वास तो डगमगाया ज़रूर होगा। लेकिन इस हत्या का कारण जानकर आपको आपके सवालों का जवाब भी खुद मिल ही जाएगा। जानकारी के मुताबिक करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के वीरभानपुर निवासी रामाशीष की बेटी नेहा की दो माह बाद शादी थी। शराब का आदी रामाशीष इसमें कोई मदद करने के बजाय उल्टा शादी के लिये जुटाकर रखे गए पैसों में से लेकर शराब पीता और घर आकर पत्नी अनिता संग मारपीट करता। बेटा राहुल उसे ऐसा करने से रोकता, लेकिन वह उसकी एक न सुनता। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र राहुल में विवाद बढ़ गया।आक्रोशित राहुल ने पिता की हत्या कर दी और शव छिपाने के लिए घर में ही गड्डा खोदकर उसमें गाड़ दिया।

घटना की जानकारी देते हुए एसपी डॉ ओमप्रकाश सिंह ने बताया की मृतक शराब का आदी था और शराब पीकर वो अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। जिस दिन ये घटना हुई उस दिन भी मृतक शराब के नशे में ही धुत्त था और उस दिन भी नशे की हालत में ही वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट पर उतर आया था। जिसे देखकर उसके बेटे ने अपनी मां का बचाव किया और रोकने की पूर्ण कोशिश करने लगा। इसी रोकने की कोशिश में उसने पिता को मां से दूर करने के चक्तर में पिता को धक्का दे दिया । धक्का इतना ज़ोरदार था कि शराबी ज़मीन पर गिर पड़ा। जिसके बाद उसे चोट लग गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद लड़का सहम गया और इसी डर की वजह से उसने डेड बॉडी को घर में ही जमीन में गाड़ दिया। लेकिन अगले ही दिन उसने खुद 112 पर फोन कर पुलिस को बुला लिया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर डेड बॉडी को रिकवर कर लिया है। जिसके बाद अब पुलिस प्रशासन आगे की  कार्रवीई में जुट गया है।


गौरतलब है कि बेटे के मां को बचाव करने का सिर्फ एक ही, नहीं  बल्कि कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें पुत्र किसी भी हद तक गुज़र जाने को तैयार रहता है। हाल ही में मध्यप्रदेश के भोपाल की घटना देख लीजिए जिसमें एक वायरल वीडियो में एक IPS ऑफिसर पुरषोत्म शर्मा अपनी पत्नी को पीटता है। जिसके बाद उसी पुलिस अधिकारी का बेटा इस वीडियो को प्रशासन को शेयर कर अपने पिता के खिलाफ जा कर उचित कार्रवाई की मांग करता है।
 

दरअसल उत्तर प्रदेश में अपराधिक मामलों में बढ़ोत्तरी का ग्राफ लगातार  बढ़ता ही जा रहा है। अगर बात हो घरेलू हिंसा की  तो  औरत और बच्चे भी इसके  शिकार होने से चूक नहीं रहे हैं। NCRB के आंकड़ों के अनुसार 2017 के बाद से  महिलाओं के प्रति 56,011 आपराधिक मामले यानि कि  153 अपराध  प्रति दिन के हिसाब से   दर्ज हुए हैं, वहीं  2018 में  उप्र के टॉप 19 शहरों में महिलाओं के प्रति हिंसा के मामलों में लखनऊ का नाम सबसे ऊपर है, जिसमें   2,736 अपराधों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

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