श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका जिला जज की अदालत ने किया स्वीकार

 

नई दिल्ली: अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण का रास्ता तय होनो के बाद मथुरा में श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका जिला जज की अदालत ने स्वीकार कर ली है। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष रखने को कहा है।

मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी। आपको बता दें कि श्रीकृष्ण विराजमान द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि के स्वामित्व की मांग की जा रही है। साथ ही याचिका में ईदगाह को हटाने की भी मांग की गई है। इससे पहले सिविल जज की अदालत ने याचिका खारिज कर दी थी। अब जिला जज याचिका पर फैसला लेंगे।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हमारी अपील को स्वीकार कर लिया गया है। जिला जज ने जितने भी विपक्षी थे उन्हें नोटिस जारी किया है. मजिस्द पक्ष को जवाब देना है।

दरअसल हिंदू पक्ष कृष्ण जन्मभूमि से शाही ईदगाह मस्जिद को अवैध बताया है, और उसे हटाने की मांग कर रहा है। इसके साथ ही 13.37 एकड़ भूमि पर अपना स्वामित्व भी वापस मांग रहा है।

पक्षकारों का दावा है कि इस समय जहां मस्जिद है कभी वहां कंस का कारागार था और वहीं पर कृष्ण का मंदिर था।मुगलों ने इसे तोड़कर वहां शाही ईदगाह मस्जिद बनवा दी। याचिकाकर्ताओ ने पहले मथुरा की सिविल जज कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन वहां से याचिका खारिज कर दी गई थी। जिसके बाद हिंदू पक्ष ने जिला जज की कोर्ट में अपील दाखिल की।

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