CM योगी का बड़ा बयान, कहा समस्या तो तब आती थी जब पिछली...

 

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी ने सोमवार को136.35 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने विपक्षियों पर भी जमकर हमला किया। सीएम योगी ने कहा कि योजानाओं का लाभ और शासन का पैसा सही जगह इस्तेमाल हो तो समस्या नहीं आती। समस्या तो तब आती थी जब पिछली सरकारें इन मिलों की जमीनों को बेचने का काम कर रही थीं। जब ये कारखाने एक-एक करके बंद होते थे तब औने-पौने दामों पर उनकी जमीनों को नीलाम करती थीं।

CM ने कहा कि हमने चीनी मिलों की ज़मीनों को बेचा नहीं बल्कि कोविड के दौरान भी उन्हें फिर से चलाया। हमने कहा है जिन चीनी मिलों का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जैसे ही निस्तारण होगा फिर से उनके पुनरोद्धार की व्यापक कार्ययोजना बनानी चाहिए क्योंकि यह किसानों के हित में है। इसके साथ ही उन्होंने नये कृषि कानून का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नया कृषि कानून बनाकर किसानों को स्वतंत्रता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि एमएसपी बंद नहीं होगी लेकिन किसानों को गुमराह करने का प्रयास हो रहा है। किसान खेत को कांटेक्ट खेती के लिए दे सकता है लेकिन मालिक तो किसान ही रहेगा। किसान के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।

सीएम योगी ने किसानों को दी जा रही योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि छह हजार रुपये सालाना हर किसान को दिया जा रहा है। हर चार महीने पर दो हजार रुपये खाते में भेजे जा रहे हैं। नौ करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी फिर से भेजेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हो या प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, सभी को किसानों को राहत दी जा रही है। एमएसपी पर फसलें खरीद कर हजारों करोड़ की राहत दी गई है।

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ा जा रहा है। यह एक्सप्रेस वे पूर्वी यूपी के विकास की रीढ़ बनेगा। आजमगढ़ में राज्य विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। यह आधुनिक शिक्षा का केंद्र बिंदु बनकर उभरेगा। पहले आजमगढ़ के नाम से लोग डरते थे। अब वहां यूनिवर्सिटी बन रही है, एयरपोर्ट बन रहा है। विकास की ये योजनाएं लोगों के जीवन में बदलाव लाएंगी।

सीएम ने कहा कि धन आवंटित किया जा रहा है। गांव-गांव में महिलाएं इन कार्यों से जुड़ रही हैं। महिलाओं के जीवन में खुशहाली आ रही है। महिलाओं की खुशहाली से परिवारों में खुशहाली होती है। बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान की ओर कार्य हो रहा है। नदियां कहीं भी इधर उधर नहीं जा पाएंगी। उन्हें एक चैनल देंगे ताकि नदियां अपने रास्ते पर जा सकें। हर हाल में 15 जनवरी से बाढ़ के लिए संवेदनशील जिलों में काम शुरू कर दिया जाएगा।

पेजयजल की योजनाओं को बढ़ाया गया है। शुद्ध पेयजल के लिए व्यापक कार्ययोजना बना दी गई है। प्रदेश के कंबल कारखानों में बने कंबल से गरीबों को राहत दी जा रही है। हमारी सरकारों ने बंद मिलों को चलाया है। चीनी की मिलों को बेचा नहीं है, उन्हें फिर से चालू कराया है।

आपको बता दें कि इस दौरान सीएम योगी सांसद, विधायकों और पार्टी के पदाधिकारियों के साथ कई मुद्दों पर बैठक भी करेंगे। जनप्रतिनिधियों के साथ विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के साथ ही समस्याओं की भी जानकारी लेंगे, इसके बाद मुख्यमंत्री वाराणसी रवाना हो जाएंगे। वहां ठंड के दौरान प्रशासन की तरफ से हो रही व्यवस्थाओं को देखेंगे।

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