डॉक्टरों का इंतजार करता पठानकोट का ये प्राइमरी हेल्थ सेंटर, मशीने खा रही जंग

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

पंजाब के पठानकोट के साथ लगते इंडो पाक बॉर्डर पर स्थित गांव बमियाल के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में ना तो कोई डॉक्टर है और ना ही कोई सुविधा, हेल्थ सेंटर के अंदर सरकार द्वारा जो मशीने लगाई गई हैं उसकी हालत भी खस्ता है। बॉर्डर के इलाक़े के 20 से ज्यादा गांव इस हेल्थ सेंटर पर निर्भर है। ऐसे में जब भी किसी को इलाज की जरूरत होती है तो उन्हें 25 किलोमीटर दूर पठानकोट सिविल हॉस्पिटल जाना पड़ता है। लोगों की मांग है कि सरकार उनको कम से कम सेहत सुविधाएं तो मुहैया करवाएं।

आपको बता दें, करोना कॉल में इंडो पाक बॉर्डर पर बसे गांव बमियाल में स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर में इलाज के लिए एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं है। प्राइमरी हेल्थ सेंटर की हालत भी इतनी खस्ता है कि इस्तेमाल न होने के कारण मशीनें जंग खा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा हेल्थ सेंटर को तैयार तो किया गया, मशीनें भी दी गई लेकिन ना तो यहां कोई डॉक्टर है और ना ही मशीनें चलाने वाला। एक्सरे मशीन भी जंग खा रही है। वहीं रात के वक्त अगर कोई बीमार हो जाए तो उसका इलाज संभव नहीं है।

इस पूरे सिविल सर्जन जुगल किशोर का कहना है की करोना की वजह से डॉक्टरों की ड्यूटी यहां से किसी दूसरे क्षेत्र में लगाई गई है जिनको जल्द वापिस भेजा जाएगा। वहीं एक दूसरी तरफ प्राइमरी हेल्थ सेंटर की हालत की खस्ता हालत और सुविधा रहीत होने पर विधायक जल्द चीजे बेहतर होने की बात कह रहे हैं।

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