पठानकोट में गरीब बच्चों के लिए वरदान बना ये परिवार, किया ये बड़ा काम

 

रिपोर्ट : रितिका आर्या

नई दिल्ली : कोरोना वायरस के चलते 23 मार्च को देश भर में लॉकडाउन कर दिया गया था और इसी वजह से जहां व्यापार प्रभावित हुआ है तो वहीं इसका सबसे बड़ा असर बच्चों पर पड़ा है क्योंकि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करनी पड़ रही है। कई परिवार ऐसे भी हैं जिनके पास मोबाइल लेने के पैसे तक नहीं है जिस वजह से बच्चों को जैसे तैसे करके अपना सिलेबस पूरा करना पड़ रहा है। ऐसे में पठानकोट का एक परिवार सामने आया है जिन्होंने अपनी जेब से 7 लाख रुपये खर्च कर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल बांटे हैं। बताते चलें कि इस परिवार द्वारा कुल 100 मोबाइल बांटे जा रहे हैं ताकि वो जरूरत मंद बच्चे शिक्षा हासिल कर सके जो पढ़ना तो चाहते है लेकिन कोविड महामारी के चलते उनके पास कोई भी विकल्प मौजूद नही है।

वहीं, जब विद्यार्थियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते आजकल सभी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है लेकिन उनके पास मोबाइल ना होने की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन आज सामने आए इस समाजसेवी परिवार की वजह से उन्हें पढ़ाई करने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दूसरी तरफ जब यह स्मार्टफोन गरीब बच्चों में बांट रहे समाजसेवी परिवार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते आजकल सभी स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन करवाई जा रही है और कई परिवार ऐसे हैं जो कि अपने बच्चों को मोबाइल दिलाने में असमर्थ हैं इसी को ध्यान में रखते हुए उनकी तरफ से गरीब बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए यह स्मार्टफोन गरीबों में बांटे जा रहे हैं ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान ना हो। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से कुल 100 स्मार्टफोन गरीब बच्चों में बांटे जाएंगे जिनकी बाज़ारी कीमत 7 लाख रुपये के करीब है।

इस मामले में स्कूल के चेयरमैन ने बताया की हमारा ये स्कूल चैरिटेबल स्कूल है। यहां गरीब बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं और करोना महामारी की वजह से आज कल स्कूल में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है और कई सारे बच्चे हमारे स्कूल में ऐसे है जो कि मोबाइल लेने में असमर्थ है जिन्हें आज खेड़ा परिवार की तरफ से मोबाइल बांटे गए हैं इस मौके उन्होंने बच्चों को मोबाइल फोन बांटने पर खेड़ा परिवार का धन्यवाद किया।

From around the web