BJP से SAD के रिश्ते खत्म होने पर पंजाब में बनेगी बीजेपी की सरकार: मोहन लाल

 

नई दिल्ली:  भारत सरकार द्वारा पास किए गए कृषि अध्यादेश ने पंजाब की सियासत में उबाल ला कर रख दिया है। जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कृषि अध्यादेश को लेकर पहले तो अकाली दल के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपने पद से इस्तीफा दिया गया। और अब अकाली दल द्वारा 5 दशक पुराने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन को तोड़ने का एलान कर दिया गया है। जिस से पंजाब की राजनीति के उबाल आना शुरू हो गया है। जिसपर पूर्व कैबिनेट मंत्री मास्टर मोहन लाल से ने कहा है कि ये तो पता था कि अकाली भाजपा का गठबंधन टूटेगा। लेकिन ये नही सोचा था कि अकाली दल ऐसे सड़कों पर गठबंधन तोड़ेगा। अकाली दल द्वारा लिए गए इस फैसले की जहां मास्टर मोहन लाल द्वारा निंदा की गई वही उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल कर पंजाब में अपनी सरकार बनाएगी।

गौरतलब है कि मोदी सरकार की ओर से लाए गए कृषि बिल को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। किसानों के साथ विपक्ष भी आंदोलन में समर्थन दे रहा है। वहीं अब भारतीय जनता पार्टी के 22 साल पुराने गठबंधन सहयोगी शिरोमणि अकाली दल ने एक बड़ा झटका दिया है। कृषि बिल के विरोध में शिरोमणि अकाली दल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से 22 साल पुराना नाता तोड़ दिया।

अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की सर्वोच्च समिति की आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से भाजपा-एनडीए गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि एनडीए छोड़ने का फैसला केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी पर किसानों की फसलों के सुनिश्चित विपणन की रक्षा के लिए वैधानिक विधायी गारंटी देने से इनकार करने पर लिया गया है। साथ ही पंजाबी भाषा को छोड़कर पंजाबी और सिक्किम के मुद्दों के प्रति इसकी असंवेदनशीलता के कारण हम अलग हो रहे हैं।

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