महाराष्ट्र में फिर शिवसेना !, राउत ने किया ये इशारा

 

नई दिल्ली : देश में बिहार-चुनाव का बिगुल बज गया है। चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही  दूसरी ओर पंजाब-हरियाणा समेत कुछ अन्य राज्यों में किसान के लिए लाए गए विधेयक का विपक्षी दल समेत किसानों का जमकर प्रदर्शन जारी है। भारत मे चारों ओर सियासी पारा का तापमान बढ़ रहा है। इसी तरह महाराष्ट्र भी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में छाया हुआ नजर आ रहा है। बता दें शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को कुछ खास मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज़ हो गई है।

गौरतलब है कि 26 सितंबर शनिवार को पांच सितारा होटल में पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं शिवसेना नेता संजय राउत के बीच डेढ़ घंटे मुकालात हुई थी, जिसके बाद कयासों का दौरा शुरू हो गया था कि एकबार फिर महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार आने वाली है। वहीं संजय राउत ने मीडिया के सामने आकर सफाई देते हुए कहा कि कुछ मसलों पर वे चर्चा के लिए देवेंद्र फडणवीस से मिले थे। इसके साथ ही उन्होने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जिस गठबंधन में शिवसेना और अकाली दल नहीं, वह उसको एनडीए नहीं मानते है। क्योंकि NDA के मजबूत स्तंभ शिवसेना और अकाली दल थे। शिवसेना को मजबूरन NDA से बाहर निकलना पड़ा, अब अकाली दल निकल गया। NDA को अब नए साथी मिल गए हैं।

इसके साथ राउत ने कहा कि उनके और फडणवीस के बीच में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं। दरअसल इस मीटिंग के बारे में किसी को खबर नहीं थी, जिसको लेकर दलों के बीच कयासों का सिलसिला लगातार जारी था और हो भी क्यों न क्योंकि कुछ दिन पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर भाजपा-शिवसेना के संबंध सुधरने की तरफ इशारा किया था । अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या यह मुलाकात दोनों दलों के आपसी संबंधों को पुन: गठबंधन के स्तर तक ले जाने का प्रयत्‍न है? अगर हां तो कैसे, ये देखना दिलचस्प होगा।

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