मुंगेर जैसी घटना गैर बीजेपी शासित राज्य में होती तो, लग जाता राष्ट्रपति शासन: संजय राउत

 

मुंबई: मूर्ति विसर्जन के दौरान बिहार के मुंगेर में हुई हिंसा के बाद लगातार राजनीति बढ़ती ही जा रही है। हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधिक्षक को निलंबित कर दिया था।

जिसके बाद से लगातार राजनीति गरमागई है, विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गई है। कहीं न कहीं बिहार चुनाव में इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की जा रही है। इतना ही नहीं शिवसेना ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रख दी है। शिवसेना ने सरकार पर हमलावर होते हुए हिंदुत्व पर हमला बता दिया है।

शिवसेना के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत ने मुंगेर गोलीकांड को लेकर कहा कि अगर ऐसी घटना दूसरे राज्य में होती तो अब तक भाजपा राष्ट्रपति शासन की मांग करने लगती। 

संजय राउत ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि  मुंगेर गोलीबारी की घटना हिंदुत्व पर हमला है। यदि ऐसी घटना महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल या राजस्थान में होती थी, तो राज्यपाल और भाजपा नेता राष्ट्रपति शासन की मांग करते थे। तो, बिहार के राज्यपाल और भाजपा नेता अब सवाल क्यों नहीं उठा रहे हैं?

आपको बता दें बिहार के मुंगेर में गोलीकांड को लेकर गुरुवार को भी बवाल हुआ। गुस्साए लोगों ने पूरब सराय थाने में आग लगा दी। उग्र भीड़ ने कई पुलिस वाहन फूंक दिए। एसडीओ व डीएसपी के दफ्तर व आवास पर भी पथराव किया गया। जिले की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने जिला कलेक्टर राजेश मीणा व एसपी लिपि सिंह को हटा दिया है।

घटना को लेकर बिहार चुनाव आयोग के सीईओ ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मुंगेर की एसपी और डीएम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उन्होंने लिखा, 'मुंगेर में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर, चुनाव आयोग ने एसपी और डीएम मुंगेर को तत्काल हटाने का आदेश दिया है। आयोग ने श्री असंगबा चुबा एओ, मंडल आयुक्त, मगध को पूरी घटना की जांच करने का आदेश दिया है, जिसे अगले सात दिनों के भीतर पूरा किया जाना है।

From around the web