फिर बाहर निकला 'आइटम' वाला जिन्न,  सिंधिया बोले- उनकी और कांग्रेस की महिलाओं के बारे में यही सोच है?

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा इमरती देवी के लिए इस्तेमाल किए आइटम शब्द के इस्तेमाल पर अब भी बवाल जारी है। कमलनाथ के इस बयान पर अब भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर पलटवार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर वार करते हुए सिंधिया ने कहा कि उनकी सरकार केवल पैसे को आधार बनाकर काम कर रही थी।

मुझे पद की लालसा नहीं - सिंधिया

सिंधिया ने कहा कि उन्होंने कभी भी राजनीति नहीं की,उन्होंने हमेशा से ही जनसेवा का रास्ता चुना।  सिंधिया ने कहा है कि उन्हें पद की लालसा नहीं है, बल्कि वो विकास के लिए काम करना चाहते हैं।

‘कमलनाथ की सरकार’ ‘भ्रष्टाचार की सरकार’

कमलनाथ की सरकार को भ्रष्टाचार की सरकार बताते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ पैसे के आधार पर काम कर रही थी। उन्होंने वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया।

'आइटम' वाले बयान दिया जवाब

वहीं कमलनाथ के 'आइटम' वाले बयान पर सिंधिया ने जवाब देते हुए कहा कि कमलनाथ बोलते हैं कि वो इमरती का नाम भूल गए थे। सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ कैसे मंत्रिमंडल में शामिल लोगों के नाम भूल सकते हैं. क्या इसलिए की वो एक महीला हैं, दलित हैं? सिंधिया ने कहा, उनकी और कांग्रेस पार्टी की यही सोच है जो महीलाओं के लिए सोचते हैं। लेकिन लोग इन लोगों का अहंकार जरूरत तोड़ेगी।

पद को लेकर किए गए सवाल पर भाजपा नेता ने कहा, मेरी विचार प्रक्रिया स्पष्ट है, मैंने राजनीति का नहीं, सार्वजनिक सेवा का रास्ता चुना है। 20 साल हो गए हैं और मैं लोगों की सेवा करने के लिए दृढ़ हूं। मैं किसी भी पद के लिए इच्छुक नहीं हूं, केवल विकास के लिए काम करना चाहता हूं। 

सिंधिया ने कहा, कांग्रेस आरोप लगा रही है क्योंकि उन्होंने सत्ता खो दी है। वे मध्यप्रदेश की जनता से प्यार नहीं करते और केवल सत्ता की बात करते हैं। कमलनाथ अब प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं, लेकिन सीएम के रूप में उन्होंने एक भी जिले का दौरा नहीं किया। उस समय पैसा ही उनकी एकमात्र चिंता थी, अब वे सत्ता के लिए वोट चाहते हैं।   

उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता है कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कहीं भी ऐसी सरकार रही हो और वो भी 15 साल विपक्ष के तौर पर रहने का बाद, जहां सरकार बनने के बाद उसकी पार्टी के 22 विधायक उसका नेतृत्व छोड़ दें। 

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