शिवराज कैबिनेट के बड़े फैसले, इन प्रस्तावों का मिली मंजूरी

 

रिपोर्टर : शिखा शर्मा

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)  में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव (MP By-election)  की तारीखों से पहले शिवराज कैबिनेट ने कृषक कल्याण योजना और प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। वहीं आचार संहिता लगने से पहले राज्य की शिवराज सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी । आयोग में एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और तीन सदस्य होंगे। आयोग के पास अधिकारियों को बुलाने का अधिकार रहेगा। कैबिनेट की बैठक में बड़ामलहरा और जौरा की सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दे दी गई है।


कैबिनेट के अहम फैसलों की जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश  के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ( MP Home Minister Narottam Mishra ) ने बताया कि कैबिनेट ने कृषक कल्याण योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस योजना के मंजूर होने के बाद अब किसानों के खाते में 10 हजार रुपए की राशि आएगी। पहले केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सम्मान निधि के द्वारा प्रदेश के 77 लाख किसानों को 6000 रुपए की राशि मिलती थी, लेकिन मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना के तहत प्रदेश सरकार 3000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दो-दो हजार रुपए की किश्त के रूप में किसानों के खाते में डालेगी।


कैबिनेट ने  मप्र राज्य परिवहन निगम के कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान करने को मंजूरी दे दी है। जिससे कांग्रेस सरकार के दौरान लंबित 15 महीने के वेतन का भुगतान किया जाएगा। इन सब को अब भुगतान कैबिनेट ने मुरैना के जौरा और छतरपुर के बड़ामलहरा में प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय मंजूरी दे दी है। इनके निर्माण से दोनों जिलों के बड़े इलाके में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। इससे 15 हजार हेक्टर भूमि संचित होगी । प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आयोग का अब संवैधानिक दर्जा होगा। कैबिनेट ने यह महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए आयोग को आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों को भी तलब करने का अधिकार दिया है।


प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कई स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्रों को सिविल अस्पताल के रूप में उन्नत करने का  निर्णय लिया है। कैबिनेट ने नए अस्पतालों के लिए आवश्यक पदों को भी मंजूरी दे दी है।


सरकार 17 हजार पटवारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराएगी। यह कार्य राजस्व विभाग के कामकाज के कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। लैपटॉप खरीदने के लिए सरकार हर पटवारी को 50 हजार रुपए देगी। प्रस्ताव के मुताबिक सभी पटवारियों को 7 साल के लिए लैपटॉप दिए जाएंगे। लैप का बीमा और जो भी खर्च होगा वो सरकार द्वारा किया जाएगा।

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