केंद्रीय मंत्री से रोते हुए शख्स ने मांगा ऑक्सीजन सिलेंडर, मंत्री ने थप्पड़ मारने की दे दी धमकी, देखें VIDEO

 
केंद्रीय मंत्री से रोते हुए शख्स ने मांगा ऑक्सीजन सिलेंडर, मंत्री ने थप्पड़ मारने की दे दी धमकी, देखें VIDEO

मध्य प्रदेश: कोरोना वायरस ने देशभर में हाहाकार मचा रखा है। आए दिन लाखों की संख्या में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। एक तरफ जहां महामारी को लेकर देश में उथल-पुथल मची हुई है वहीं दूसरी तरफ सरकार के चेहरों से पर्दा उठता भी नजर आ रहा है। कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी ने पूरे सिस्टम की पोल खोल के रख दी है। ऑक्सीजन सिलेंडरों की गुहार लगाते कई मरीजों के परिजनों का विडियों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। देश में ऑक्सीजन की मारामारी को देख हर किसी की रुह कांप-सी उठ रही है। ऐसे में जब नेता जी का गुस्सैल रवैया सामने आ जाए तो सरकार पर सवालियां निशान खड़े करना कुछ गलत नहीं होगा।

ऐसा ही एक मामाला मध्य प्रदेश के दामोह अस्पताल से सामने आया है। जहां पर दामोह से सांसद प्रहलाद पटेल अस्पताल के दौरे पर गए थे। जिस बीच एक व्यक्ति अस्पताल के बाहर खड़ा होकर अपनी मां के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए गुहार लगा रहा था। उसी समय वहां केंद्रीय मंत्री को देख व्यक्ति उनसे अपनी बात कहता है तो मंत्री साहब उसे डांटने लग जाते हैं। हालांकि, बाद में उनका रवैया हल्का होता है और वह उस व्यक्ति से कहते हैं कि जिस चीज की जरूरत हो वो सब मिलेगी।

मंत्री साहब का ये वीडियों जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने उनके रवैये पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। प्रभाशंकर मिश्रा ने ट्वीट करते हुए तंज कसा कि -और नही तो क्या, जनता ऑक्सिजन कैसे मांग सकती है महाशय से। महाशय ज्यादा गुरुर शोभा नहीं देता। एक दिन यही जनता भाषा आपको भी सिखाएगी। तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा- खाने खिलाने का तो हिंदुस्तान में चलन है। अब वो खुलकर सामने आ रहा है।

वहीं उमा शंकर ने लिखा- साहेब ने मंत्री भी वैसे चुने हैं जो जानता है कि जीतना तो modi-modi करके है तो पब्लिक का कैसा डर! सारे मिनिस्टर तो साहेब के मोहरे हैं जिनका अपना कोई वजूद नही है, इसलिए अपने गुस्से को 2024 तक संभाल के रखिए। सत्येंद्र गुप्ता ने लिखा- थोड़ा फेमस करो इनको। तभी ये मानने वाले हैं।

गौरतलब है कि देश में कोरोना ने अपने जमकर पैर पसार रखे है। अस्पतालों में कोरोना मरीजों की भीड़ लगी हुई है, लोग बेड और ऑक्सीजन के लिए तरस रहे हैं। ऐसे में एक तरफ पीएम मोदी और अमित शाह बंगाल में चुनाव जीतने में लगे हैं तो बाकी मंत्रियों का कोई पता ठिकाना नहीं मिल रहा। जिसका ठिकाना मिल भी रहा है तो उनका ऐसा रवैया सारे सिस्टम की पोल खोल रहा है। नेताओं का रुख देख तो ऐसा लग रहा है मानों जनता उनके लिए महज एक वोटिंग नंबर ही है जिनकी जरुरत उन्हें सिर्फ चुनाव के वक्त ही पड़ेगी बाकी जनता के लिए कोई जिम्मेदारी किसी नेता की बनती ही नहीं है। या यूं कहें कि ये देश की जनता को आत्मनिर्भर बनाने का एक तरीका है। खैर जब देश के राजा ही जगह-जगह अपनी कुर्सी जमाने में व्यस्त हो तो लोगों के मरने पर जनता तो सवाल करेगी ही कि आखिर सरकार है कहां ? देश का सिस्टम है क्या ?

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