यूपी के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार का भी लव जिहाद को लेकर कठोर कदम, कैबिनेट से मिली मंजूरी

 

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के योगी सरकार के बाद अब मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने भी लव जिहाद को लेकर बड़ा कदम उठाया है, जिससे अब उन लव जिहादियों की खैर नहीं जो पहले अपना धर्म छिपाकर शादी करते है, फिर उसके बाद जबरन उनपर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डालते है। आपको बता दें कि इसे लेकर मध्य प्रदेश सरकार 'धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020' लायी है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

नए कानून में कुल 19 प्रावधान हैं, जिसके तहत अगर धर्म परिवर्तन के मामले में पीड़ित पक्ष के परिजन शिकायत करते हैं तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। अगर किसी शख्स पर नाबालिग, अनुसूचित जाति/जनजाति की बेटियों को बहला फुसला कर शादी करने का दोष सिद्ध होता है तो उसे दो साल से 10 साल तक कि सजा दी जाएगी। अगर कोई शख्स धन और संपत्ति के लालच में धर्म छिपाकर शादी करता हो तो उसकी शादी शून्य मानी जाएगी।

मध्य प्रदेश सीएम शिवराज चौहान ने कहा कि प्रदेश में बलपूर्वक धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लोभ, लालच, प्रलोभन, धोखा देकर किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन मध्य प्रदेश में नहीं होगा। यदि ऐसा किया गया तो प्रस्तावित कानून में 10 साल की सजा और 50 हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। किसी को दबाकर, प्रलोभन देकर, अंधेरे में रखकर धर्मांतरण करवाना मध्य प्रदेश में नहीं चलेगा। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जब नाबालिगों का धर्म परिवर्तन और विवाह कराने के मामले सामने आ चुके हैं।

वहीं राज्य गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमने अपने प्रदेश में देश का सबसे कठोर कानून बनाया है। अब इस विधेयक को विधानसभा में लाया जाएगा। 28 दिसंबर से मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र प्रस्तावित है। मिश्रा ने कहा कि इस तरह की शादी टूटने के बाद संतान को भी संपत्ति का हक मिलेगा। मां भी गुजारा भत्ते की हकदार होगी।

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