रिहाई के तुरंत बाद बोली महबूबा मुफ्ती, 370 के लिए संघर्ष जारी, नहीं भूलेंगे वो काल फैसला

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

करीब चौदह महीने के बाद रिहा हुई महबूबा मुफ्ती ने बाहर आते ही अनुच्छेद 370 को लेकर केंद्र सरकार पर वार किया है। मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 के खात्में वाले दिन को काला दिन बताते हुए कहा कि मैं करीब एक साल से अधिक समय बाद रिहा हुई हूं। पांच अगस्त को जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया वो फैसला मेरे दिल और रूह पर वार करता रहा। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ये कैफियत केवल मेरी नहीं बल्कि जम्मू-कश्मीर के तमाम लोगों की रहेगी। कोई भी व्यक्ति उस दिन की डाकाजनी और बेइज्जती को नहीं भूल सकता। 370 को वापस लाने की बात कहते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम सभी को अपना इरादा पक्का करना होगा कि हमसे छीना गया अनुच्छेद 370 वापस लेना होगा।

रिहा हो जेलों में बंद लोग

मुफ्ती ने कहा कि दिल्ली दरबार ने पांच अगस्त को गैर आईनी, गैर जम्हूरी, गैर कानूनी तरीके से जो हमसे छीन लिया उसे वापस लाने के लिए हमें अपने इरादों को पक्का करना होगा। इसके साथ ही कश्मीर मामले को लेकर मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 के साथ ही कश्मीर मसला, जिसके लिए हजारों लोगों ने अपनी जानें गवां दी थी उसे भी सुलझाने के लिए कोशिशे जारी रखनी होगी। ये राह कतई आसान नहीं है, लेकिन इसके लिए जद्दोजहद जारी रखनी होगी, मैं चाहती हूं कि तमाम जेलों में बंद लोगों को भी अब रिहा किया जाए। 

सुप्रीम कोर्ट ने की थी टिप्पणी

महबूबा की बेटी इल्तिजा ने सुप्रीम कोर्ट में इसके लिए याचिका दाखिल की थी। जिस पर 29 सितंबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी को कब तक नजरबंद रखा जा सकता है। इस मामले में 15 अक्तूबर को सुनवाई तय थी। इससे पहले ही प्रदेश सरकार ने महबूबा को मुक्त कर सकारात्मक कोशिश की है। 

मार्च में ही रिहा हुए थे फारूक और उमर

नेशनल कांफ्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को मार्च में ही रिहा कर दिया गया था। इसके बाद लगातार महबूबा को रिहा करने की मांग उठ रही थी। सरकार को इसके लिए बार-बार कठघरे में खड़ा किया जा रहा था।

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