जम्मू-कश्मीर में अब जमीन खरीदना हुआ और आसान, अब्दुल्ला ने कहा होगी मुश्किल

 

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से ये कयास लगाये जाने लगे थे कि अब जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदना और आसान हो जायेगा। इसे लेकर अब केंद्रीय गृहंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इसके तहत अब देश का कोई भी नागरिक JK में जमीन खरीद सकता है। हालांकि, अभी खेती की जमीन को लेकर रोक जारी रहेगी।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ये फैसला जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत लिया है, जिसके तहत कोई भी भारतीय अब जम्मू-कश्मीर में फैक्ट्री, घर या दुकान के लिए जमीन खरीद सकता है। इसके लिए किसी तरह के स्थानीय निवासी होने का सबूत देने की भी जरूरत नहीं होगी।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक, हम चाहते हैं कि बाहर की इंडस्ट्री जम्मू-कश्मीर में लगें, इसलिए इंडस्ट्रियल लैंड में इन्वेस्ट की जरूरत है। लेकिन खेती की जमीन सिर्फ राज्य के लोगों के लिए ही रहेगी। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय के इस कदम सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खासे नाराज हो गये है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि जम्मू-कश्मीर में जमीन के मालिकाना हक के कानून में जो बदलाव किए गए हैं, वो स्वीकार करने लायक नहीं हैं। अब तो बिना खेती वाली जमीन के लिए स्थानीयता का सबूत भी नहीं देना है। अब जम्मू-कश्मीर बिक्री के लिए तैयार है, जो गरीब जमीन का मालिक है अब उसे और मुश्किलें होंगी।

इसके साथ ही उमर अब्दुल्ला ने एक और अन्य ट्वीट में कहा कि केंद्र सरकार ने लेह काउंसिल के नतीजे आने का इंतजार किया, जब बीजेपी जीत गई तो अगले ही दिन लद्दाख को सेल पर रख दिया। लद्दाखियों ने बीजेपी में अपना भरोसा जताया तो उन्हें बदले में ये दिया गया है।

आपको बता दें कि अब से पहले जम्मू-कश्मीर में सिर्फ स्थानीय नागरिक ही जमीन खरीद या बेच सकते थे। लेकिन अब जब जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बने एक साल हो रहा है, तब केंद्र ने कानून में बदलाव कर दिया है, जिससे अब प्रदेश से बाहर का कोई भी व्यक्ति घाटी में दुकान, फैक्ट्री, रहने के लिए जमीन ले सकता है।

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