आतंक, साइबर अपराध के बाद अब जम्मू-कश्मीर में बढ़ रही इसकी तस्करी, उड़ी प्रशासन की नींद

 

रिपोर्ट : स्वाती सिंह

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटने के बाद भी लगातार अपराध बढ़ रहा है, एक तरफ जहां आतंकियों का साया घाटी में बढ़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराध से लेकर चोरी तक के मामले अब बड़ी संख्या में हो रहे हैं। इसी बीच अब जम्मू-कश्मीर से मवेशियों की तस्करी की खबरें सामने आ रही हैं। दरअसल जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बन तालाब टोल प्लाजा पर पुलिस कर्मियों ने आतंकियों को पकड़ने के लिए नाका लगाया। इस दौरान पुलिस ने तीन मवेशी तस्करों को हिरासत में लिया।

आपको बता दें कि तलाशी अभियान के दौरान जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बन तालाब टोल प्लाजा पर से गुजर रहे तीन टाटा मोबाइल गाड़ी नंबर जेके02सीएच-0377, जेके02बीएक्स-2897 और जेके02सीई-9902 को पुलिस कर्मियों ने जांच के लिए रोका। तीनों वाहनों में दस मवेशी बरामद हुए, जो चोरी छुपे जम्मू से कश्मीर की ओर ले जा रहे थे। नाकेबंदी के दौरान जब पुलिस वालों ने रोका तो वो धर दबोचे गए। वाहनों में सवार मोहम्मद अब्बास निवासी अनंतनाग, अब्दुल खान निवासी कल्याणपुर और ज्योति प्रकाश निवासी घोमनासा को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने इन तस्करों को पकड़ लिया है और अब इनसे पूछताछ हो रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये तस्करी बड़े स्तर पर होती है या फिर ये पहली बार ऐसी तस्करी कर रहे हैं।

आपको बता दें कि लगातार जम्मू-कश्मीर में बढ़ रहे अपराध चिंता का विषय है। जहां एक तरह आतंकी पूरी घाटी में उत्पात मचाए हुए हैं तो वहीं अब ऐसे स्थानीय और जमीनी स्तर के अपराध भी बढ़ने लगे हैं। इससे ये तो साफ है कि घाटी में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद जिस विकास और परिवर्तन की बात की गई थी क्या वो अपराधों में है। अगर इस तरह से अपराध बढ़ेंगे तो जल्द ही घाटी बाकि राज्यों की तरह अपराद का गढ़ हो जाएगी जहां शासन इन अपराधियों को शह देगी और खत्म भी वहीं करेगी।

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