हैरान: गुजरात में दलित लड़की के साथ छेड़छाड़, आरोपियों की जगह पुलिस ने पीड़िता पर ही कर दी FIR

 

रिपोर्ट - रितिका आर्या

गुजरात के बनासकांठा जिले से रेप का ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल, दीओदर तालुक के एक गांव में दलित लड़की के साथ छेड़खानी की गई लेकिन यहां हैरान करने वाली बात तो ये है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ नहीं बल्कि पीड़ित परिवार पर ही कार्यवाही करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे घटना की जानकारी वडगाम से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने ट्वीट करके दी है।

जिग्नेश मेवाणी की माने को उसी गांव के पटेल समुदाय के 6 लोगों ने लड़की के साथ छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया। जब परिवार द्वारा इसका विरोध किया गया तो करीब 25 लोगों द्वारा परिवार के साथ पिटाई की गई। वहीं दूसरी तरफ गुजरात पुलिस ने 23 साल की पीड़िता और उसके परिवार के 5 सदस्यों के खिलाफ ही मारपीट का केस दर्ज कर मामले को नया मोड़ दे दिया है।

जिग्नेश मेवाणी ने किया ट्वीट

इस घटना का वीडियो साझा करते हुए मेवाणी ने ट्वीट किया, “गुजरात में पीड़िता की पिटाई। पुलिस हाथरस में अब पीड़िता को ही बदनाम करने पर तुली है। बिलकुल उसी तर्ज पर गुजरात के बनासकांठा जिले के दीओदर तहसील के रैया गांव में लड़की की छेड़खानी करने के बाद उसके हाथ पैर तोड़ दिए और फिर कसूरवारों ने पीड़िता पर ही कर दिया FIR। डीजीपी गुजरात यह क्या है?”

मेवाणी ने पीएम मोदी, रूपाणी से की अपील

मेवाणी ने अगले ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम विजय रूपाणी और डीजीपी गुजरात समेत कइयों को टैग करते हुए कहा, 'मेरी इनसे गुजारिश है कि मामले में तुरंत दखल दे। एससी/एसटी के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करना एससी एसटी ऐक्ट के तहत अपराध है। अब संज्ञान लें।'

अस्पताल में भर्ती है पीड़िता का भाई

पीड़िता के 21 साल के भाई को घटना के तुरंत बाद बनासकांठा के पालनपुर कस्बे में एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने बताया, 'मेरी बहन (पीड़िता) और छोटी बहन 28 सितंबर को घर से खेत जा रहे थे। पटेल समुदाय के 6 लोगों ने उन पर कमेंट पास करने शुरू कर दिए। जब उसने विरोध किया तो उन्होंने मेरी बहन की टीशर्ट फाड़ दी और बदतमीजी की।'

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