कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राह पर चले केजरीवाल, कहा भाजपाइयों को खिला दी गई है अफीम

 

नई दिल्ली:  योगी आदित्यनाथ ने बरेली में रैली की और तीनों बिलों के फायदे समझाने लगे कि तुम्हारी जमीन नहीं जाएगी, मंडी बंद नहीं होगी। भाजपा वाले बताएं इस कानून से फायदा क्या है? भाजपा वालों को एक लाइन रटवा दी गई है कि किसान देश में कहीं भी फसल बेच सकता है। हवा में बात करने से क्या होगा? किसानों को नहीं भाजपाइयों को भ्रमित किया गया है, भाजपाइयों को अफीम खिला दी गई है। ये कहना है दिल्ली सीएम अरविन्द केजरीवाल का।

गौरतलब है कि गुरूवार को दिल्ली विधानसभा में नए कृषि कानून को लेकर विशेष सत्र बुलाये गये थे, इस दौरान सीएम केजरीवाल ने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया। वहीं उन्होंने नए कृषि कानून की कॉपी भी दिल्ली विधानसभा में फाड़ दी। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अपने ही सरकार यानी की मनोहन सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून की कॉपी फाड़ी थीं।


विधानसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार और कितनी जान लेगी? अब तक 20 से ज्यादा किसान इस आंदोलन में शहीद हो चुके हैं। एक-एक किसान भगत सिंह बनकर आंदोलन में बैठा है। अंग्रेजों से बदतर न बने सरकार। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारे वकील ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है। कोरोना काल में क्यों ऑर्डिनेंस पास किया? पहली बार राज्यसभा में बिना वोटिंग के 3 कानून को कैसे पास कर दिया गया? ये कानून भाजपा के चुनाव के फंडिंग के लिए बने हैं।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा केंद्र के कृषि कानूनों को खारिज कर रही है, केंद्र सरकार अंग्रेज से बदतर न बने और कानून वापस ले। इसके साथ ही दिल्ली विधानसभा में कृषि कानूनों को निरस्त करने को लेकर एक संकल्प पत्र भी स्वीकार कर लिया गया है। बता दें कि सत्र की शुरुआत होने पर मंत्री कैलाश गहलोत ने एक संकल्प पत्र पेश किया, जिसमें तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की बात कही गई। इसके बाद हर वक्ता को बोलने के लिए पांच मिनट का वक्त दिया गया। इस दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक महेंद्र गोयल, सोमनाथ भारती ने सदन में कृषि कानून की कॉपी को फाड़ने के साथ ही जय जवान, जय किसान के नारे लगाए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जो कानून किसानों के खिलाफ है, हमें उसे स्वीकार नहीं करेंगे।

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