कोरोना के बढ़ते केसों के बीच दिल्ली की हालत खराब, किसी अस्पताल में एक दिन तो कहीं सिर्फ 3 घंटे का ऑक्सीजन स्टॉक

 
कोरोना के बढ़ते केसों के बीच दिल्ली की हालत खराब, किसी अस्पताल में एक दिन तो कहीं सिर्फ 3 घंटे का ऑक्सीजन स्टॉक

नई दिल्ली : देश में लगातार बढ़ते कोरोना केस के बीच राजधानी दिल्ली इन दिनों महामारी के तूफान से लड़ रही है, जिसने दिल्ली के लोगों का जीना दुभर कर दिया है। एक तरफ जहां वो घरों से बाहर निकलने से डर रहे है, वहीं जो कोरोना संक्रमित है, उन्हें दिल्ली अस्पतालों के खस्ताहाल से दो-चार होना पड़ रहा है। आपको बता दें कि दिल्ली में हर दिन रिकॉर्ड तोड़ मामले दर्ज किए जा रहे हैं, बीते दिन भी 28 हजार के करीब मामले सामने आए हैं। लेकिन इससे भी बड़ा संकट दिल्ली के सामने ऑक्सीजन का है, जिसने ना जानें कितने लोगों की जान ले ली।

बता दें कि बढ़ते कोरोना केस के कारण दिल्ली के कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। अगर हम दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में सुबह नौ बजे तक की ऑक्सीजन की स्थिति को देखें, तो यहां 4500 क्यूबिक मीटर प्राइवेट वेंडर से, 6000 क्यूबिक मीटर Inox से आया है। अस्पताल की कुल जरूरत 11000 क्यूबिक मीटर है, अभी जितना ऑक्सीजन है वो 24 घंटे तक चल पायेगा।

वहीं, दिल्ली के ही LNJP अस्पताल की मानें तो उन्होंने बीते रात को 10 टन ऑक्सीजन मिला है, जो अभी के लिए पर्याप्त है। दिल्ली के संजय गांधी अस्पताल के मुताबिक, उन्हें बीती रात 100 सिलेंडर मिले हैं जो अगले आठ घंटे के लिए काफी हैं।

वहीं दिल्ली सरकार का कहना है कि अस्पतालों में कुछ ही घंटे की ऑक्सीजन बची है, ऐसे में केंद्र सरकार को तुरंत ही दिल्ली की ऑक्सीजन सप्लाई को बढ़ा देना चाहिए। बीते रात ही दिल्ली के एक अस्पताल में कुछ घंटे की ऑक्सीजन बची, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने ट्वीट कर चिंता जताई और बाद में वहां किसी तरह ऑक्सीजन पहुंच पाई।

आखिरी वक्त पर यहां पहुंचा ऑक्सीजन

दिल्ली के जीटीबी अस्पताल, गंगाराम अस्पताल को देर रात ही ऑक्सीजन मिल पाया है, अभी भी कई अस्पताल ऑक्सीजन की सप्लाई के इंतजार में हैं। जिन अस्पतालों को इमरजेंसी में ऑक्सीजन मिला है, उनका भी कहना है कि ये अभी के लिए राहत है लेकिन अभी भी डिमांड इससे कहीं ज्यादा है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री का दावा है कि सोमवार को दिल्ली को 240 मीट्रिक टन, मंगलवार को 365 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली है, जबकि इस वक्त दिल्ली को हर दिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन चाहिए। दिल्ली के अंदर 8 से 10 घंटे का ही ऑक्सीजन शेष बचा है। इन तमाम मुश्किलों के बीच अब दिल्ली सरकार की ओर से यूपी की सरकार से बात की जा रही है, ताकि यूपी के मोदीनगर से लगातार दिल्ली को ऑक्सीजन मिलता रहें।

अगर हम दिल्ली के कोरोना केसों की बात करें तो राजधानी में बीते दिन 28 हजार 395 नए केस आए और 277 मौतें दर्ज की गई, जो अबतक का रिकॉर्ड है। तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में बेड्स की कमी हो रही है, ऐसे में सरकार द्वारा कई जगह अतिरिक्त बेड्स की व्यवस्था की जा रही है।

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