दिल्ली की हवा में सांस लेना हुआ बेहद तकलीफदायक, बढ़ गई सांसों की समस्या

 

नई दिल्ली : देश में जारी लॉकडाउन के बीच शुद्ध हुआ दिल्ली की हवा एक बार फिर बेहद विषैला हो गया है, जिसने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया। आपको बता दें कि दिल्ली की हवा पिछले एक साल की तुलना में काफी खराब स्तर पर पहुंच गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार की सुबह दिल्ली की एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 के पार दर्ज किया गया है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में माना जाता है।

वहीं दिल्ली के आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का लेवल 442, आरके पुरम में 407, द्वारका में 421 और बवाना में 430 दर्ज किया गया। आपको बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के प्रदूषण ने इस साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पिछले एक साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया। वहीं पराली जलने की हिस्सेदारी प्रदूषण में 42 फीसदी तक पहुंच गई, जो इस मौसम में अब तक का सर्वाधिक है।

आपको बता दें कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में पीएम 10 का स्तर गुरुवार को 563 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो कि पिछले साल 15 नवम्बर के बाद से सर्वाधिक है, जब यह 637 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया था।

डॉक्टरों की मानें तो प्रदूषित हवा में सांस के रूप में 22 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर का शरीर में जाना एक सिगरेट पीने के बराबर है।

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