चुनावी सरगर्मी के बीच राजद नेता तेजस्वी ने दी BJP अध्यक्ष को खुली चुनौती

 

नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे है। एक तरफ जहां नीतीश कुमार बिहार की जनता को सुशासन बाबू की सरकार का यकीन दिलाने को कोशिश कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ राजद नेता तेजस्वी यादव सुशासन बाबू के सरकार पर हमला कर रहे है। आपको बता दें कि इन्हीं सब वाद-विवादों के बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को खुली चुनौती दी है।

आपको बता दें कि तेजस्वी की यह चुनौती भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से किसी भी मुद्दे पर बहस की है। तेजस्वी ने जेपी नड्डा को खुली चुनौती देते हुए पूछा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला? विशेष पैकेज क्यों नहीं मिला? बिहार फिसड्डी राज्य बन गया है। इन सभी मुद्दों पर जिस जगह चाहे जहां चाहो वह हमसे बहस करें। इसके अलावे वे विकास के मुद्दे पर वे हमसे बहस करें। हम उनसे बहस करने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार के असल मुद्दे कमाई ,पढ़ाई, दवाई, सिंचाई आदि हैं। राज्य में आई बाढ़ से 85 लाख आबादी प्रभावित हुई है, उन्हें सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। इसके साथ ही उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि वो अवसरवादी हैं. नीतीश कुमार थक गए हैं, ये मैं नहीं, बिहार की जनता बोल रही है। वे इस बार मुख्यमंत्री बनने नहीं जा रहे हैं।

वहीं उन्होंने राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास पर कहा कि हमारी सरकार थी तभी वहां विकास हुआ। वहां इंजीनियरिंग कॉलेज बनाया गया,ब्रिज बनाया गया। हमने जितना हो सका हमने किया।

आपको बता दें कि इसी दौरान एक रिपोर्टर ने तेजस्वी से पूछा कि 10 नवंबर को आपके लिए कितना कठिन दिन रहेगा, इसपर उन्होंने कहा कि कोई कठिन दिन नहीं है। जनता ने स्पष्ट बहुमत महागठबंधन को दे दिया है और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं। इस बार महागठबंधन की सरकार आ रही है। बिहार से एनडीए का पत्ता साफ हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने LJP अध्यक्ष चिराग पासवान को भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह दौर उनके लिए बहुत कठिन है। आज उनको उनके पिता की जरूरत है, लेकिन उनके पिता उनके साथ नहीं हैं।

आपको बता दें कि 8 अक्टूबर 2020 को केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान का निधन हो गया था।

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