गुप्तेश्वर पांडेय पर लगी JDU की मोहर

 

पटना: बिहार चुनाव के ऐलान के बाद राजनीतिक पार्टियों में सरगर्मिया तेज हो गई है। बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय रविवार को विधिवत रूप से जदयू में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण की पर्ची दी और साफा पहनाया। इस अवसर पर विजय कुमार चौधरी, ललन सिंह और अशोक चौधरी मौजूद थे।

आप को बताते चले की गुप्तेश्वर पांडेय शनिवार को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जदयू ऑफिस गए थे। उस समय कयास लगे थे कि वह जदयू में शामिल होने जा रहे हैं और उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदस्यता दिलाएंगे। लेकिन, गुप्तेश्वर पांडेय ने बाहर निकलकर कहा कि मैं सिर्फ मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने आया था कि उन्होंने मुझे डीजीपी के तौर पर काम करने की स्वतंत्रता दी।

आपको बताते दे कि गुप्तेश्वर पांडे ने 22 सितंबर को वीआरएस लिया था और 23 सितंबर को उन्होंने खुलकर मीडिया से बातचीत की थी। गुप्तेश्वर पांडेय ने बड़ा दावा किया था कि वह बिहार के किसी भी जगह से निर्दलीय चुनाव अपने दम पर जीत सकते हैं। यही नहीं गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि उनको विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए 14 जगहों उनको ऑफर मिला है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि मुझे बिहार के लोग काफी प्यार करते हैं. मैं कही से भी खड़ा हो जाओ तो लोग मुझे चुनाव जीता सकते हैं। गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि मेरे वीआरएस लेने से कोई चुनाव का संबंध नहीं है। इसको चुनाव के साथ जोड़ना गलत है। मेरे अपर वीआरएस लेने का दवाब था. मैंने वीआरएस ले लिया है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि लोगों के सवालों से उठकर वीआरएस लेने का फैसला किया हर दिन उन्हें हजारों फोन आते थे कि क्या उन्होंने वीआरएस ले लिया है। हर दिन लोगों के सवालों का जवाब देना मुश्किल था। इसलिए उन्होंने खुद वीआरएस लेने का फैसला किया।

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