हार के बावजूद भी महागठबंधन को सरकार बनाने की उम्मीद, तेजस्वी ने कहा जनादेश का बदलाव है...

 

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में बहुमत से 12 सीटों से पिछड़ जाने के बावजूद भी महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव को सरकार बनाने की उम्मीद है। उन्होंने गठबंधन के नेताओं से कहा कि उनकी ही सरकार बनेगी, इसलिए वे सभी तैयार रहें। तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा कि NDA को महागठबंधन से केवल 12,270 वोट अधिक मिले, इतने में ही 15 सीटों की बढ़त कैसे मिल गई?

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि एनडीए और महागठबंधन में वोटों का अंतर मात्र 12,270 है, लेकिन 15 सीटें एनडीए को ज्यादा हैं। यह आंकड़ा ही बताता है कि मतगणना में क्या हुआ है। मतगणना के बाद गुरुवार को महागठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन के नेता चुनाव में सकारात्मक और जनता के मुद्दे के साथ चुनाव मैदान में गए, जिसके लिए लोगों का भरपूर समर्थन मिला।

उन्होंने कहा कि, "जनता का फैसला महागठबंधन के पक्ष में है, जबकि चुनाव आयोग का नतीजा एनडीए के पक्ष में है।" तेजस्वी ने स्पष्ट करते हुए कहा कि जनादेश बदलाव का है। मगर एकबार फिर जनादेश की चोरी की गई है। इसके पहले भी 2015 में ऐसा किया गया था। नीतीश का बिना नाम लिए तेजस्वी ने कहा कि जो लोग तीसरे नंबर पर पहुंच गए वे आज भी कुर्सी पर बैठने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि नीतीश कुमार में अगर थोड़ी भी नैतिकता बची हुई है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने मतगणना में मतगणना में गड़बड़ी होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर बैलेट पेपर की गिनती बाद में कराई गई और अधिकांश मतों को रद्द कर दिया गया। तेजस्वी ने कहा कि वे जनता के इस प्यार के लिए जल्द ही धन्यवाद यात्रानिकालेंगे और जनहित का मुद्दा उठाएंगे।  

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