बिहार : दूसरे चरण के चुनाव में लगा बेटा–बेटी के कंधों पर दांव, तेजस्वी-तेज ही नहीं...

 

नई दिल्ली : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव 3 नवंबर को होना है, जिसपर ना जानें कितने उम्मीदवारों का भविष्य टीका हुआ है। खासकर विभिन्न नेताओं के बेटे और बेटियों को, जो इस चरण के चुनाव में अपनी किस्मत पर दांव लगा रहे है। आपको बता दें कि दूसरे चरण में कुल 94 सीटों पर वोट होने है, जिनपर कुल 1463 उम्मीदवार मैदान में है। जिनमें 1316 पुरुष, 146 महिला और एक थर्ड जेंडर की प्रत्याशी शामिल हैं।

आपको बता दें कि इन सभी के बीच सबकी नजर दिग्गज नेताओं के बेटे-बेटियों पर है, जो इस चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, जिसमें सिर्फ आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद के दोनों बेटे तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव ही नहीं बल्कि शरद यादव की बेटी से लेकर शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे की किस्मत का प्रतिष्ठा भी दांव पर है।

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों की किस्मत दांव पर

बिहार की सबसे हाई प्रोफाइल सीट माने जाने वाली राघोपुर और हसनपुर पर सभी की निगाहें हैं। क्योंकि एक तरफ जहां राघोपुर से नेता प्रतिपक्ष महागठबंधन का चेहरा तेजस्वी यादव मैदान में हैं तो हसनपुर सीट से उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव मैदान में हैं। आपको बता दें कि तेजस्वी अपनी पुरानी सीट से ही चुनाव मैदान में हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी के सतीष राय ताल ठोक रहे हैं। वहीं हसनपुर से तेज प्रताप का मुकाबला जेडीयू के राजकुमार राय से होगा, जो पिछली दो बार से विधायक हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की बेटी की प्रतिष्ठा दांव पर

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की बेटी सुभाषिनी के किस्मत का फैसला भी इसी चरण में होना है। आपको बता दें कि सुभाषिनी अपने पिता शरद यादव के संसदीय क्षेत्र रहे मधेपुरा इलाके की बिहारीगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में हैं, जिनका मुकाबला जेडीयू के निरंजन कुमार मेहता से माना जा रहा है। हालांकि, जेडीयू यहां पर पिछले दो चुनाव से लगातार जीत दर्ज कर रही है जबकि इससे पहले आरजेडी का तीन बार कब्जा रह चुंका है।

शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव की भी परीक्षा

फिल्म अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा के भाग्य का फैसला भी दूसरे चरण के चुनाव में होना है, जिन्हें कांग्रेस ने पटना के बांकीपुर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। जिनका मुकाबला बीजेपी के तीन बार के विधायक नितिन नवीन और प्लूरल्स पार्टी से उतरीं पुष्पम प्रिया से माना जा रहा है। आपको बता दें कि नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा भी यहां से कई बाहर विधायक रह चुके हैं। ऐसे ही पुष्पम प्रिया भी जेडीयू के पूर्व एमएलसी विनोद चौधरी की बेटी है। इस तरह से बांकीपुर सीट पर तीनों नेता अपने-अपने पिता की सियासी विरासत को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इन दिग्गज नेताओं के रिश्तेदार भी चुनावी अखाड़े में

आपको बता दें कि लालगंज से मैदान में पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार के भतीजा पप्पू सिंह कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं, जिनके खिलाफ बीजेपी से संजय कुमार सिंह, एलजेपी से मौजूदा विधायक राजकुमार शाह और आरएलएसपी के दिनेश कुमार कुशवाहा ताल ठोक रहे हैं। वहीं बड़हरिया विधानसभा सीट से आरजेडी के टिकट पर बच्चा पांडेय चुनावी मैदान में हैं, जो बीजेपी के एमएलसी चुन्ना पांडेय के भतीजे हैं। जिनकी सीधी टक्कर जेडीयू से मौजूदा विधायक श्याम बहादुर सिंह, आरएलएसपी से वंदना कुशवाहा और एलजेपी से बीर बहादुर सिंह से हैं।

वहीं जेडीयू के टिकट पर दरभंगा ग्रामीण से पूर्व केंद्रीय मंत्री एए फातमी के पुत्र फराज फातमी मैदान में उतरे हैं, जिनके खिलाफ आरजेडी के वर्तमान विधायक ललित यादव एक बार फिर से मैदान में हैं। ऐसे ही पूर्व सांसद कमला मिश्रा मधुकर की पुत्री शालिनी मिश्रा जेडीयू उम्मीदवार के तौर पर केसरिया सीट से मैदान में हैं, जिनकी टक्कर आरजेडी से संतोष कुशवाहा, एलजेपी से राम शरण यादव और आरएलएसपी से महेश्वर सिंह हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री आरएन सिंह के पुत्र डॉ. संजीव कुमार परबत्ता, एलजेपी प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज के भाई कृष्ण राज और हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य के पुत्र कौशल किशोर रोसड़ा से हैं, जिनकी किस्मत का फैसला इसी चरण में होना है।

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