पराली जलाने से रोकने को सर्वोच्च न्यायलय ने बनाई कमेटी, जाँच कर पेश करेगी रिपोर्ट

 

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण पर चिंता जाहिर करते हुए पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए निगरानी समिति की गठन किया है। निगरानी समिति के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मदन बी. लोकुर का एक सदस्यीय कमेटी गठित की है।

लोकुर कमेटी पराली जलाए जाने की घटनाओं संबंधी अपनी रिपोर्ट दशहरा की छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। चीफ जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने आदेश दिया कि दिल्ली और पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण के सभी अधिकारी जस्टिस लोकुर कमेटी को रिपोर्ट करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने में लोकुर कमेटी की मदद के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC), भारत स्काउट्स और गाइड्स और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) को भी उन क्षेत्रों तैनात किया जाए। ये मोबाइल टीमें खेतों में आग लगने की सूचना देंगी जिसके आधार पर अधिकारी कार्रवाई करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश दो युवा पर्यावरणविदों द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर आया है, जिसमें मांग की गई थी कि पराली जलाने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि अदालत की निगरानी के बावजूद, राज्य इस खतरे को रोकने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

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