भारतीय थल सेनाध्यक्ष फ्रांस के दौरे पर, भारत-फ्रांस रक्षा संबंध बढ़ाने पर चर्चा

नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना के थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे फ्रांस का महत्वपूर्ण दौरा कर रहे हैं। थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे 14 से 17 नवंबर तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे। इसके लिए वह रविवार को भारत से रवाना हुए हैं। चार दिवसीय यात्रा के दौरान, वह दोनों राष्ट्रों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से फ्रांस में अपने समकक्ष और फ्रांस के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
 
भारतीय थल सेनाध्यक्ष फ्रांस के दौरे पर, भारत-फ्रांस रक्षा संबंध बढ़ाने पर चर्चा
भारतीय थल सेनाध्यक्ष फ्रांस के दौरे पर, भारत-फ्रांस रक्षा संबंध बढ़ाने पर चर्चा नई दिल्ली, 13 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना के थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे फ्रांस का महत्वपूर्ण दौरा कर रहे हैं। थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे 14 से 17 नवंबर तक फ्रांस के दौरे पर रहेंगे। इसके लिए वह रविवार को भारत से रवाना हुए हैं। चार दिवसीय यात्रा के दौरान, वह दोनों राष्ट्रों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से फ्रांस में अपने समकक्ष और फ्रांस के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।

यात्रा के दौरान सेना प्रमुख, न्यूवे चैपल इंडियन मेमोरियल पर माल्यार्पण करेंगे, जो प्रथम विश्व युद्ध के दौरान 4,742 भारतीय सैनिकों के बलिदान का स्मरण कराता है। उनका चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, और कमांडर कमांडमेंट डेस फोर्सेस टेरेस्ट्रेस (सीएफटी), लैंड कॉम्बैट फोर्सेज के कमांड से मुलाकात करने का कार्यक्रम है। यहां वह भारत-फ्रांस रक्षा संबंधों को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

सीओएएस इकोल मिल्रिटी का दौरा करेंगे, जिसमें पेरिस में विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण प्रतिष्ठान शामिल हैं और इकोले डे गुएरा-टी में एक कोर्स में भाग लेने वाले वरिष्ठ स्टाफ अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वह ड्रैगुइगन में सैन्य स्कूलों का भी दौरा करेंगे, जो प्रमुख प्रशिक्षण प्रतिष्ठान हैं जो कमीशन्ड अधिकारियों और गैर-कमीशन्ड अधिकारियों को प्रशिक्षित करते हैं।

भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, लगातार बढ़ते रक्षा सहयोग संबंधों, जिसमें कार्यकलापों का एक व्यापक क्षेत्र शामिल है, ने दोनों सेनाओं के हर स्तर पर एक मजबूत बंधन स्थापित किया है। सीओएएस की फ्रांस यात्रा दोनों सेनाओं के बीच विश्वास और आपसी समझ के रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाएगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों से लैस कर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना भारत की प्राथमिकता है। बीते माह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि सशस्त्र बलों को स्वदेशी अत्याधुनिक हथियारों, उपकरणों से लैस करके देश के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में जल्द ही पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए मेड इन इंडिया युद्धपोत और अन्य उपकरणों को शामिल करना हमारे इस संकल्प को दशार्ता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके

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