SIP vs RD : क्या आपके मन में भी यह सवाल आ रहा है कि म्यूचुअल फंड के जरिए SIP में पैसा लगाए या फिर RD में अपना पैसा इन्वेस्ट करें? बताना चाहेंगे कि दोनों जगह से ही आप अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हो। लेकिन दोनों के बीच काफी ज्यादा अंतर और आगे हमने SIP vs RD के बीच के इस अंतर को इस लेख के माध्यम से समझाया है।
SIP और RD में अंतर जाने
SIP | RD |
एसआईपी का पूरा नाम सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान है | RD का फुल फॉर्म रेकरिंग डिपोजिट है |
एसआईपी में औसतन रिटर्न 12% तक मिलता है जो कि लंबी अवधि में और भी ज्यादा हो सकता है | जबकि आरडी में निश्चित दर से 7% से 8% ब्याज निवेश पर सालाना आधार पर मिलता है |
जोखिम की बात की जाए तो एसआईपी में थोड़ा जोखिम तो होता है | वही आरडी में न के बराबर जोखिम है |
SIP के जरिए आप म्यूचुअल फंड में निवेश करने की कोई सीमा नहीं है। हालांकि ELSS फंड में 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है। | आरडी में आप 6 महीने से लेकर अधिकतम 10 सालों के लिए निवेश कर सकते हो। |
आप जब चाहे तब SIP बंद कर सकते हो और पैसा बाहर निकाल सकते हो। | वही RD में निवेशित पैसे को समय से पहले बाहर निकालने पर जुर्माना लगता है। |
किसमे निवेश करना ज्यादा बेहतर
देखा जाए तो आरडी, म्यूचुअल फंड की तुलना में अधिक सुरक्षित है लेकिन यदि आप लॉन्ग टर्म में ज्यादा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हो तो आप म्यूचुअल फंड एसआईपी का चयन कर सकते हो। मात्र 500 मासिक निवेश से आप एसआईपी शुरू कर सकते हो। एसआईपी के जरिए आपको कंपाउंडिंग का फायदा भी मिलता है। आप जितनी लंबी अवधि के लिए एसआईपी जारी रखोगे आपको उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा।
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