Fact Check: अयोध्या राम मंदिर में शुद्रो – SC, ST, OBC का जाना निषेध रहेगा! हिंदू युवा वाहिनी के नाम से वायरल ये पोस्ट है फर्जी

Ankit Singh

By Ankit Singh

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अयोध्या के राम मंदिर अभिषेक में अब महज कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होना है। ऐसे में इससे पहले ही सोशल मीडिया पर मंदिर को लेकर कई फर्जी दावे और खबरें वायरल होने लगी है।

हाल ही में ऐसा ही एक पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि योध्या के राम मंदिर में जाति विशेष के लोगों का प्रवेश निषेध रहेगा।

क्या है वायरल पोस्ट?

दरअसल, Satwinder Kaur (Archived Link) नाम की फेसबुक यूजर ने इस पोस्ट को 14 दिसंबर को शेयर किया था, जिसमें लिखा था, “राम मंदिर अयोध्या में शूद्रों OBC, SC, ST का प्रवेश निषेध रहेगा! हिन्दू युवा वाहिनी उत्तर प्रदेश।”

हालांकि टूडे समाचार ने अपनी पड़ताल में पाया कि ये पोस्ट पूरी तरह से फर्जी है और अयोध्या राम मंदिर में ऐसी कोई भी पाबंदी नहीं लगाई गई है।

फैक्टचेक

टूडे समाचार ने इस पोस्ट के कीवर्ड्स की मदद से ओपन गूगल सर्च से अपनी पड़ताल की शुरूआत की। हालांकि इस दौरान हमारी टीम को किसी भी वेबसाइट पर या कही भी हिंदू युवा वाहिनी की तरफ से की गई ऐसी किसी घोषणा ऐसी कोई पोस्ट या इससे संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली।

इसके बाद हमारी टीम की तरफ से दैनिक जागरण के अयोध्या यूनिट के संपादकीय प्रभारी रमा शरण अवस्थी से संपर्क किया गया। इस दौरान हमने उनसे वायरल पोस्ट के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ये पोस्ट फर्जी है। वहीं इसके बाद उन्होंने कहा, “अयोध्या राम मंदिर में सभी धर्म और जाति के लोगों का स्वागत किया जाता है। किसी भी जाति या धर्म के लोगों के यहां आने पर कोई पाबंदी नहीं है।”

गौरतलब है कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा हिंदू युवा वाहिनी की तरफ से बताया गया है। ऐसे में हमारी टीम ने आगे  हिन्दू युवा वाहिनी उत्तर प्रदेश के महामंत्री प्रमोद मॉल से संपर्क और उनसे भी इस बारे में पूछा। यहां भी उन्होंने इस पोस्ट को फर्जी ही बताया और कहा कि हिंदू युवा वाहिनी की तरफ से ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं दिया गया है।

ऐसे में टूडे समाचार की इस पड़ताल से ये साबित हो गया है कि हिंदू वाहिनी के नाम पर राम मंदिर में जाति विशेष की पाबंदी का दावा करने वाला ये पोस्ट फर्जी है।

टूडे समाचार की तरफ से हम आपसे अनुरोध करते हैं कि ऐसे किसी भी भ्रामक दावे या वीडियो पर भरोसा ना करें, बल्कि इसकी जगह हर एक वायरल खबर या रिपोर्ट की पुष्टि कर लें।

Ankit Singh

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