Fact Check: रतन टाटा ने भारतीय सेना को उपलब्ध करवाई बुलेट और बम प्रुफ बसें! जानें वायरल दावे के पीछे का सच

Ankit Singh

By Ankit Singh

Published on:

टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और भारत के मशहूर बिजनेस टायकून रतन टाटा अपने सीधे और सुशील स्वभाव के अलावा दानवीर स्वभाव के लिए भी जाने जाते हैं। वो अक्सर ही अपनी कमाई का काफी बड़ा हिस्सा लोगों के हित के लिए दान किया करते थे।

रतन टाटा ने भारतीय सेना को उपलब्ध करवाई बुलेट और बम प्रुफ बसें!

इसी कड़ी में हाल सोशल मीडिया पर रतन टाटा की एक तस्वीर जमकर वायरल हो रही है, जिसमें उनकी तस्वीर के पीछे बख्तर बसें भी नजर आ रही हैं। इन तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर ये दावा किया जा रहा है कि रतन टाटा ने भारतीय सेना को बुलेट और बम प्रुफ बख्तरबंद बसें उपलब्ध करवाई हैं।

हालांकि टूडे समाचार की टीम ने जब इस मामले और इस वायरल तस्वीर के पीछे की सच्चाई को खंगाला तो पाया गया कि ये तस्वीर 6 साल पुरानी है, जिसे अभी के समय में रतन टाटा से जोड़कर लोगों को भ्रमित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

फैक्टचेक

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टूडे समाचार की पड़ताल में हमारी टीम ने जब इस तस्वीर को गूगल लेंस और अन्य टूल्स की मदद से खंगाला तो हमें पता चला कि ये बख्तरबंद बसों की तस्वीर अभी की नहीं बल्कि साल 2017 की हैं, जब MIDHANI द्वारा ये बस CRPF को सौंपी जा रही थी। हालांकि current.affairs.daily नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने इस तस्वीर के साथ रतन टाटा की तस्वीर को जोड़कर झूठा दावा किया है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में फूलों से सजी बख्तरबंद बुलेट और बम प्रुफ बस को देखा जा सकता है और साथ ही रतन टाटा की तस्वीर भी देखी जा सकती है। इसके साथ ही यूजर ने तस्वीर के साथ लिखा है, “हाल ही में रतन टाटा ने भारतीय सेना को बुलेट प्रुफ और बम प्रुफ बसें उपलब्ध कराई हैं।” ये तस्वीरें फेसबुक से लेकर इंस्टाग्राम तक वायरल हैं और साथ ही इन तस्वीरों से मिलाकर एक वीडियो बनाकर यूजर ने यूट्यूब पर भी इसे अपलोड किया है।

झूठा है सोशल मीडिया का वायरल दावा

बता दें कि टूडे समाचार की पड़ताल में हमने जब इस मामले की जांच करनी शुरू की तो ना ही किसी मीडिया रिपोर्ट में इससे जुड़ी जानकारी मिली और ना ही रतन टाटा के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर इससे जुड़ा कोई तथ्य मिला। अगर रतन टाटा ने ऐसा कुछ किया होता तो मीडिया या उनके सोशल मीडिया हैंडल पर इससे जुड़ी जानकारी जरुर होती।

वहीं इसके बाद जब इस मामले में तस्वीर के पीछे अंदर तक जांच करने के लिए जब गूगल की सहायता ली तो पता चला कि ये बस MIDHANI ने सीआरपीएफ को 7 सितंबर 2017 में उपलब्ध कराई थी। All India Radion News ने बकायदा इस दौरान की तस्वीरों के साथ ये जानकारी साझा भी की थी।

वहीं इसके अलावा CRPF द्वारा भी ऑफिशियल एक्स हैंडल पर 7 सितंबर 2017 को इस दौरान की तस्वीरें शेयर की गई हैं और लिखा गया है, “MIDHANI द्वारा #MakeInIndia के तहत निर्मित बख्तरबंद बस और भाभा कवच, हल्के वजन वाले BP जैकेट को आज सीआरपीएफ महानिदेशक को सौंप दिया गया।”

वहीं इसके अलावा इस संदर्भ में जब भारतीय सेना के जनसंपर्क अधिकार सुधीर चमोली से बातचीत की गई तो उन्होंने ऐसे किसी खबर के बारे में जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। ऐसे में इस पड़ताल से ये साफ जाहिर हो गया है कि इंस्ट्रागाम यूजर ने भ्रामक खबर फैलाई है।

Ankit Singh

Verify information accuracy with fact-checking: scrutinize claims, cross-reference sources, and confirm data to ensure reliability and combat misinformation.