Pakistan School Old Video Is Being Shared With False Claim Fact Check
Pakistan School Old Video Is Being Shared With False Claim Fact Check

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसमें कुछ बच्चे कीचड़ में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो भारत का है और साथ ही इसके जरिए पीएम मोदी पर निशाना साधा जा रहा है।

क्या है वायरल?

दरअसल, ‘Dilip Sirra‘ नाम के फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया है और साथ ही कैप्शन में लिखा, “देखिए 8000करोड़ के जहाज में घूमने वाले शौकप्रिय प्रधानमंत्री के काल में, दुनिया की सबसे ऊंची 3500 करोड़ की स्टैचू वाले देश में, सनातनी संस्कार शिक्षा आदर्श के घोष काल में.. देश के,आपके अपने बच्चों के भविष्य का_ वर्तमान..विश्वगुरू गर्वित बदलते स्वच्छ भारत का..स्कूल..आपको ये नहीं देखना है..आंख,दिमाग बंद करके आपको बस मंदिर,मंदिर जपना है..?”

हालांकि टूडे समाचार ने अपनी पड़ताल में इस वायरल दावे को गलत पाया है। दरअसल, ये वीडियो पाकिस्तान के एक स्कूल का है, जो काफी पुराना है। इस तस्‍वीर का भारत से कोई संबंध ही नहीं है।

फैक्टचेक

टूडे समाचार ने अपनी पड़ताल की शुरूआत करते हुए सबसे पहले वीडियो के कुछ महत्वपूर्ण कीफ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेंज टूल की मदद से सर्च किया। इस दौरान हमें यह वायरल तस्‍वीर कई सोशल मीडिया हैंडल पर मिली।

इस दौरान हमें सबसे पुरानी वायरल तस्वीर साल 2015 की मिली, जिसे पाकिस्‍तानी एक्‍स हैंडल SKY KINGS पर 10 जनवरी 2015 को शेयर किया गया था।

वहीं इस दौरान हमें ये असली तस्वीर Siyasat.pk नाम के पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट पर मिली, जिसे 10 जून 2015 को पोस्‍ट किया गया था। यहां पर दी गई जानकारी के मुताबिक ये तस्वीर पाकिस्तान में स्थित पंजाब के एक स्कूल की है।

वहीं इस वायरल तस्वीर पर अधिक स्पष्टिकरण के लिए आगे हमने भाजपा, यूपी के प्रवक्‍ता अवनीश त्‍यागी से संपर्क साधा, तो उन्होंने बताया कि, यह पाकिस्‍तान की तस्‍वीर है। पहले भी कई बार इसे वायरल किया जा चुका है।

ऐसे में टूडे समाचार की इस पड़ताल से ये साफ हो गया कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा पूरी तरह से फर्जी है। ये तस्वीर पाकिस्तान के एक स्कूल की है, जो काफी पुरानी है और इसका भारत से कोई लेना देना नहीं है।

Verify information accuracy with fact-checking: scrutinize claims, cross-reference sources, and confirm data to ensure reliability and combat misinformation.