वो इंसानों से नहीं बल्कि अलग-अलग निर्जीवों से आकर्षित होती है, खरीद कर ले आई पति’, फिर क्या हुआ...

 

नई दिल्ली: वो इंसानों से नहीं बल्कि अलग-अग निर्जीवों चीजों से आकर्षित होती है, इन्हीं के साथ रहती है और इन्हीं के साथ सोती है। आपने सहीं सुना, की ये महिला निर्जीव चीजों के साथ सोती है, क्योंकि इसका पति एक निर्जीव वस्तु है। गौरतलब है कि इस महिला का निर्जीव वस्तुओं से इतना लगाव है कि इसने एक नन-लिविंग ब्रिफकेस को अपना पति बना लिया। जिसे इन्होंने एक दुकान से खरीदा था, जो इस महिला को इतना पसंद आया की उसने उसे ही अपना जीवन साथी चुन लिया।

आपको बता दें कि यह कहानी है, 24 वर्षीय रूसी महिला की, जो एक ब्रीफकेस से शादी रचा चुकी है। रेन गॉर्डन नाम की इस महिला का कहना है कि वे इस ब्रीफकेस के साथ कनेक्शन महसूस करती हैं, उतना किसी इंसान के साथ नहीं कर पाई हैं। रेन ने बताया कि मैं साल 2017 में एक शख्स को डेट कर रही थी और ये रिश्ता दो सालों तक चला था लेकिन इस रिश्ते का अंत ठीक नहीं हुआ। उसे पता चला था कि मुझे ऑब्जेक्ट्स से कितना लगाव है और ये हमारे ब्रेकअप का एक महत्वपूर्ण कारण था। मैं उसके साथ कनेक्ट नहीं कर पाई थी। जब मुझे उस इंसान और गिडियॉन को चुनना था तो मैंने गिडियॉन को ही चुना। मेरा मानना है कि इंसानों से बेहतर वस्तुएं होती हैं।

आपको बता दें कि रेन अपने इस रिलेशनशिप के बारे में परिवार को भी बता चुकी हैं और वे भी अब इस रिश्ते को स्वीकार कर चुके हैं। बता दें कि रेन एक नर्सरी एक स्कूल टीचर है और वे बचपन से ही ये मानती आई हैं कि सजीव से लेकर निर्जीव चीजों में भी आत्मा होती है। वे एनिमिस्म के कॉन्सेप्ट में विश्वास करती हैं जिसका मतलब होता है कि हर चीज में जिंदगी होती है।

रेन ने बताया कि पहले उन्हें अलग-अलग चीजों को लेकर उत्सुकता होती थी और अब उनकी ये उत्सुकता रोमांटिक आकर्षण में बदल चुकी है। रेन ने अपने फ्यूचर हसबेंड को साल 2015 में खरीदा था, जिसे उन्होंने एक हार्डवेयर शॉप से खरीदा था। उन्होंने कहा कि मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि हम शादी कर लेंगे। मुझे उसे निहारना बहुत अच्छा लगता था। हम शाम और रात को साथ वक्त बिताते थे और हम फिलोसॉफी से जुड़ी काफी बातचीत करते थे, फिर धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि मैं इस ब्रीफकेस को चाहने लगी हूं।

उन्होंने कहा कि गिडियॉन सिर्फ मेरा पार्टनर नहीं है बल्कि वो मेरा पति है, दोस्त है और मेंटॉर भी है। मुझे कभी-कभी लगता है कि वो मुझे मुझसे बेहतर तरीके से समझ पाता है। हमारा आध्यात्मिक कनेक्शन और कम्युनिकेशन टेलीपैथी के द्वारा मुमकिन हो पाता है। मैं उसे सुनती हूं और वो मेरी बात सुनता है लेकिन आम लोगों को सिर्फ मेरी बात सुनाई देती है।

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