चाणक्य नीति: मनुष्य के आखिरी समय तक साथ देती हैं ये 4 चीजें

 
चाणक्य नीति: मनुष्य के आखिरी समय तक साथ देती हैं ये 4 चीजें

रिपोर्ट: रितिका आर्या

नई दिल्ली:  आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में मनुष्य की हर परेशानी का हल बताया है। उन्होंने बताया है कि कैसे व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में मित्र को लेकर भी कई बातें बताई हैं। चाणक्य ने बताया है कि कौन सी ऐसी चीजें हैं जो व्यक्ति के लिए किसी मित्र से कम नहीं है। जो व्यक्ति का आखिरी वक्त तक साथ देती है तो आज हम आपको बताएंगे ऐसी चार बातें जो व्यक्ति के आखरी समय तक उसका साथ देती है।

विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्र गृहेषु च।

व्याधितस्यौषधं मित्र धर्मो मित्रं मृतस्य।।

अपने श्लोक में आचार्य चाणक्य ने बताया है कि किसी भी ऐसे शख्स के लिए जो घर से बाहर रह रहा होता है उसके लिए उसका परम मित्र ज्ञान होता है। चाणक्य कहते हैं जो व्यक्ति अपने अपनों से दूर रहकर जीवन यापन कर रहा होता है। ज्ञान उसका आखिरी समय तक साथ निभाता है।

चाणक्य कहते हैं जिस पति की पत्नी उसकी अच्छी मित्र हो उसे हमेशा मान सम्मान प्राप्त होता है। जिसकी पत्नी में अवगुण होते हैं वह व्यक्ति हर मौके पर अपमान का सामना करता है। पत्नी किसी भी व्यक्ति को विकट समय में संभालने का काम करती है और परेशानी के मौके पर उसे ताकत देती है। ऐसे में पति व्यक्ति की अच्छी मित्र होती है जो उसका आखरी समय तक साथ निभाती है।

चाणक्य कहते हैं कि जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब हो उसके लिए दवा ही सच्ची मित्र होती है, क्योंकि दवा ही बीमार शख्स को ठीक कर सकती है।

वहीं, चाणक्य ने इस श्लोक के आखिर में धर्म को इंसान का चौथा सबसे अच्छा मित्र बताया है। चाणक्य कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति के लिए जिंदा रहते हुए धर्म के मार्ग पर चलते हुए किए गए काम ही याद रखे जाते हैं। चाणक्य कहते हैं कि इस दौरान जो व्यक्ति जैसा पुण्य कमाता है मरने के बाद उसे वैसे ही याद किया जाता है।

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