रिश्तों को मजबूत करने के वो 5 रिलेशनशिप टिप्स जो आपके रिलेशन में आईं दरार को कम कर देगा

 

रिपोर्ट : प्राची गुलियानी

नई दिल्ली : आज के समय में सही पार्टनर मिलना बहुत मुश्किल है। अक्सर आज के टाइम में लोग दिलों से खेल के चले जाते है और किसी दूसरे के साथ नई दुनिया बसा लेते है। जिससे एक व्यक्ति पूरी तरह टूट जाता है, लेकिन कई बार कुछ बाते ऐसी भी होती है जिसके बाद से रिश्ते में दरारे आने लगती है और रिश्ता टूट जाता है। हमारी जिंदगी में कई रिश्ते होते है जोकि अपनी-अपनी अलग जगह रखते है। कुछ रिश्ते परिवार से हमें जन्म के साथ ही मिल जाते है तो कई रिश्ते हम खुद अपनी पसंद से बनाते है। इन्ही रिश्तो में एक रिश्ता होता है प्यार का। जो आप अपने जीवन साथी के साथ निभाते है। ये रिश्ता आप जीवनभर निभाते है उस व्यक्ति के साथ जिंदगी के सभी उतार चढ़ाव देखते है। परिवार को आगे बढ़ाते है। लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती है जो दोनों को अलग करने लगती है। अब रिश्ता है तो एक ओर मौका मिलना चाहिए। ऐसे तो कोई रिश्ता खत्म नहीं किया जा सकता। इसलिए आज हम बात करेंगे रिश्तों को मजबूत करने के 5 रिलेशनशिप टिप्स के बारे में जिसे अपनाकर आप अपने रिश्तें को मजबूत कर सकते है---  

सलाह

कोई भी काम करने से पहले एक बार अपने पार्टनर से उस बारे में बात जरूर करें। अगर बिना विचार-विमर्श के काम किया जाता है तो रिश्ते में दूरिया आ सकती है। रिश्ता एक धागे की तरह होता है अगर ज्यादा परिक्षा ली उसे खिंचा तो कमजोर होकर टूट जाएगा। ऐसे में अच्छा रहेगा कि कोई काम करने से पहले आप अपने साथी एक बार विचार-विमर्श जरूर कर लें। 

बातें न छुपाएं

जब दो लोग एक रिश्ते में होते है तो उन दोनों को एक-दूसरे के बारे में जानने का पूरा हक है। अगर आप अपना रिश्ता मजबूत रखना चाहते है तो कभी कोई बात न छुपाएं, अक्सर देखा जाता है कि आपके द्वारा छुपाई गई बात उन्हें बाहर से पता लगती है जिसे उन्हें बुरा लगता है और बहस की स्थिति बन जाती है। इसलिए कभी भी कोई बात छुपाएं और हर बात को उनके सामने इस तरीके से पेश करें, जिससे उन्हें कोई गलत मतलब न लगे। 

ज्यादा अपेक्षाएं

अपने साथी से कभी भी ऐसी अपेक्षा न करें। जिसे वह पूरा करने में सक्षम न हो। प्यार निस्वार्थ होता है अगर उसमे अपेक्षाएं है इच्छाएं है तो वह प्यार नहीं। इसलिए अपेक्षाएं रखें लेकिन ज्यादा नही। जरूरत से ज्यादा अपेक्षाएं निराशा को जन्म देती है। जिससे आपके रिश्ता नकारात्मक मोड़ ले लेता है।

आजाद और मजबूत

किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए उसे विश्वास के साथ आजाद छोड़ दे। आजाद छोड़ने का ये मतलब नहीं कि साथी का तिरस्कार करें आपका उसका सम्मान करें और एक दूसरे पर विश्वास करे। जिसे आप अपनी हर एक बात उनके साथ खुलकर शेयर कर सके। साथ ही गलती से भी कुछ ऐसा न करें जो आपके रिश्‍ते में दरार डाल दे।

दबाव

आप अपने साथी पर कोई दबाव न डाले। उनके साथ रहें। साथ ही उन पर किसी ऐसे काम को लेकर दबाव ना डालें जिसे वह नहीं करना चाहते। इससे उनके मन में आपके प्रति निराशा बढ़ेगी और रिश्‍ते में खटास आने लगेगी।

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