ओबामा ने राहुल को नर्वस नेता बताया तो भड़की कांग्रेस, सुरजेवाला ने इशारों में PM पर साधा निशाना

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नेता राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें अपनी किताब 'ए प्रॉमिस्ड लैंड' में कम योग्यता और जुनून की कमी वाला नेता बताया था। किताब में राहुल गांधी को नर्वस भी बताया गया था।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा राहुल पर की गई इस टिप्पणी को लेकर अब कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “क्या मैं विनम्रतापूर्वक एक प्रायोजित एजेंडा चलाने वाले मीडिया के कुछ अति उत्साही दोस्तों को याद दिला सकता हूं कि हम किसी पुस्तक में व्यक्ति के विचारों को लेकर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करते हैं। अतीत में, एक नेता को लोगों और एजेंसियों द्वारा 'मनोरोगी' और 'विभाजित करने वाला' कहा गया था। हम इस तरह की टिप्पणियों को तरजीह नहीं देते हैं।”


रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा, “बराक ओबामा और राहुल गांधी की तब मुलाकात हुई थी जब ओबामा अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर यहां आए थे। ये शायद 8-10 साल पहले की बात होगी। कुछ बैठकों के जरिए किसी का आकलन करना कठिन है। राहुल गांधी के व्यक्तित्व में तब से काफी बदलाव आया है, उन्होंने बहुत अनुभव हासिल किया है।”

वहीं कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा है कि वे बराक ओबामा को अनफॉलो कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैंने बराक ओबामा को अनफॉलो करने का फैसला किया है, जिन्हें मैं 2009 से फॉलो कर रहा हूं। इसका कारण है कि भारतीय राजनीतिक नेताओं और उनके खिलाफ शब्दों के बारे में उनके निर्णय को किसी भी सच्चे भारतीय द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता। क्या आप भी उन्हें भी अनफॉलो करेंगे?”


किताब में बराक ओबामा ने राहुल को लेकर ये कहा है

बराक ने लिखा, “राहुल गांधी एक ऐसे छात्र हैं जिन्होंने कोर्सवर्क तो किया है और शिक्षक को प्रभावित करने के लिए उत्सुक भी रहे लेकिन इस विषय में महारत हासिल करने के लिए या तो योग्यता नहीं है या जुनून की कमी है।” अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने राहुल गांधी को ‘नर्वस और कम गुणवत्ता वाला’ भी बताया है।

अपनी आत्मकथा में ओबामा ने राहुल का जिक्र करते हुए लिखा, “उनमें एक ऐसे 'घबराए हुए और अनगढ़' छात्र के गुण हैं जिसने अपना पूरा पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है और वह अपने शिक्षक को प्रभावित करने की चाहत रखता है लेकिन उसमें 'विषय में महारत हासिल' करने की योग्यता या फिर जुनून की कमी है।”

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