UP: अलीगढ़ में डॉक्टर ने सर्जरी कर निकाला चूहे से 25 ग्राम का ट्यूमर

 

रिपोर्ट- रितिका आर्या

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक चूहे को सर्जरी कर नई जिंदगी दी गई है। बता दें, पूरा मामला क्वारसी थाना क्षेत्र के स्वर्ण जयंती नगर का है। जहां, शहर निवासी अमित के घर के बगल में खाली प्लॉट में एक सफेद रंग का चूहा कहीं से आ गया था। जब अमित ने उसे देखा तो उन्होंने सोचा की कहीं कोई कुत्ते या दूसरे जानवर उसे नुकसान ना पहुँचा दें ऐसे अमित उसे अपने घर ले आया और उसकी देखभाल अपने घर में रख कर करने लगा।

कुछ दिन बाद उन्होंने चूहे की आंख के पास एक मस्सा उभरता हुआ देखा तो उन्होंने उस समय ज्यादा गौर नहीं किया लेकिन जब कुछ दिन बाद वह मस्सा एक रसौली का रूप लेने लगा तो चूहे की आंख पूरी तरह ठक गई। इसके कारण चूहे को चलने और खाने पीने में भी काफी परेशानी हो रही थी। जब उन्होंने इस समस्या को ज्यादा बढ़ते हुए देखा तो उन्होंने अपने चूहे को शहर में कई जगह दिखाया लेकिन कोई आराम नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने चूहे के बारे में शहर के वरिष्ठ पशु शल्य चिकित्सक डॉ विराम वार्ष्णेय के बारे में बताया तो वह उन्हें क्लिनिक पहुंचे। डॉ विराम ने बताया कि चूहे की जल्द से जल्द सर्जरी करने की जरूरत है। तभी चूहे की जान बच सकती है साथ ही चूहे की आंखों को भी नुकसान हो सकता है। डॉ ने दो दिन बाद सर्जरी का समय दिया गया और अमित उसे सर्जरी के लिए डॉ विराम के पास ले गए। हालांकि चूहा बहुत छोटा सा जानवर होता है और उसमें लगभग 100 ग्राम तक का ही वजन था। ऐसे में उसे बेहोशी करने की दवा(एनेस्थीसिया) देने में भी काफी खतरा था। डॉ विराम ने ये बात चूहे के मालिक अमित को भी बताई। जिसके हाद अमित की सहमति मिलने के बाद चूहे को नीचे पेट वाली जगह से इंट्रासपेरीटोनियल (Intraperitoneal)इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद ही चूहा बेहोश हो गया। क्योंकि यह काम काफी बारीकी का था तो डॉ ने बड़ी ही बारीकी से उस रसोली को आंख से इस तरह अलग किया की उन्होंने उसकी आंख भी बचा ली और जान भी। जो रसौली काटकर निकाली गई उसमें लगभग 20 से 25 ग्राम वजन था तो कोई भी अंदाजा लगा सकते हैं कि जिस जानवर का वजन 100 ग्राम हो और आंख में 25 ग्राम का वजन लटक रहा हो तो उस जानवर को कितना कष्ट होता होगा।

सर्जरी होने के बाद चूहा 3 घंटे बाद होश में आने लगा और अगले दिन पूर्ण तरह से स्वस्थ था और सही से खाने पीने लगा। कुछ दिनों तक इस चूहे की दवाई चली और पंद्रह दिन बाद वह पूर्ण तरह से स्वस्थ हो गया उस चूहे की रसोली वाली जगह पर बाल भी आने लगे थे। अमित जी ने कहा डॉ विराम इस चूहे के लिए किसी मसिहा से कम नहीं।

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