भारत में बेरोजगारी का वो आंकड़ा जिसने सबको किया हैरान, देखें आंकड़े

 

नई दिल्ली : देश में जारी कोरोना संकट ने ना जानें कितने लोगों को बेरोजगार कर दिया, कितनी कंपनियां बंद हो गई। कितने श्रमिक वापस अपने घरों को चल गये और कितने अपने गुजर बसर के लिए अपनी जमा पूंजी, जमीन और घर-बार आदि बेच रहे या गिरवी रख रहे है। बेरोजगारी का आलम यह हो गया है कि टैक्नीकल फिल्ड के बंदें जैसे-तैसे रोजगार तो लें ले रहे है, लेकिन उन्हें मनचाहा सैलरी नहीं मिल रहा।

वहीं Without Technical Degree धारक दर-दर को भटकने को मजबूर है, क्योंकि कईयों की उम्र खत्म हो गई जो वे सरकारी नौकरी या अन्य किसी तकनीक की डिग्री लें। वहीं कई डिग्रीधारक अपनी डिग्री लेकर घूम रहे है। अगर हम भारत में बेरोजगारी दर की बात करें तो देश में बेरोजगारी की दर 9.7 प्रतिशत हैं, जो पिछले कई सालों में सबसे अधिक है।

वहीं शहरी क्षेत्र में यह बेरोजगारी दर 8.9 प्रतिशत और ग्रमीण क्षेत्र में 10.1 प्रतिशत है। अर्थात जिस देश को गांवों का देश कहा जाता है, वहां के अधिकतर ग्रामीण बेरोजगार है। जिसमें सबसे अधिक हरियाणा 25.6 प्रतिशत, राजस्थान 18.6, हिमाचल प्रदेश 13.8, पश्चिम बंगाल 11.2, त्रिपुरा 13.1 और बिहार 10 प्रतिशत है। वहीं अन्य राज्यों में यह आंकड़ा 10 से कम है।

अगर हम सबसे कम बेरोजगार राज्य की बात करें तो सबसे कम बेरोजगारी तमिलनाडु और मेघालय में 1.1 प्रतिशत है। जबकि देश की राजधानी दिल्ली में 6.6 प्रतिशत, यूपी 5.2, महाराष्ट्र 3.1 और झारखंड में 9.6 प्रतिशत है। (उपर्युक्त ये सभी आंकड़े Unemployment - CMIEunemploymentinindia.cmie.comके अनुसार है)।

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